Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
दरबार साहिब में पहचान पत्र पर बड़ा विवाद: CM भगवंत मान की फोटो वाले सरकारी आईकार्ड पहनकर पहुंचे श्रद्धालु; सेवादारों ने रोका

दरबार साहिब में पहचान पत्र पर बड़ा विवाद: CM भगवंत मान की फोटो वाले सरकारी आईकार्ड पहनकर पहुंचे श्रद्धालु; सेवादारों ने रोका

Bhaskar Digital 1 week ago

चंडीगढ़ : अमृतसर स्थित दरबार साहिब में शनिवार को उस समय विवाद हो गया जब पंजाब के कई शहरों से श्रद्धालु पंजाब के मुख्यमंत्री की फोटो वाले पहचान पत्र गले में पहनकर यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं को सेवादारों व टास्क फोर्स ने रोक लिया।

सेवादारों का तर्क था कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोखी घोषित किया जा चुका है इसलिए उनकी तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर गुरु घर में प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद सेवादारों ने श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवा दिए।

वहीं, तीर्थयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ये पहचान पत्र उन्हें सरकारी व्यवस्था के तहत दिए गए थे। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य केवल श्रीहरमंदिर साहिब में माथा टेकना और दर्शन करना था। अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोषी (दोखी) और गुरु विरोधी घोषित किया।

गोल्डन टेंपल में मौजूद सेवादारों ने इन पहचान पत्रों पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोखी घोषित किया जा चुका है इसलिए उनकी तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर गुरु घर में प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद सेवादारों ने श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवा दिए।

सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोषी (दोखी) और गुरु विरोधी घोषित किया। यह फैसला अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज ने अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील (प्राचीर) से सुनाया। इस फैसले के पीछे भगवंत मान की कथित शराब वाली वायरल वीडियो का हवाला दिया गया।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bhaskar Digital