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ढाबा चलाना है तो हर महीने पैसा देना पड़ेगा; कुरावली पुलिस पर गंभीर आरोप, एसपी ने दिया जांच कर कार्रवाई का आश्वासन

ढाबा चलाना है तो हर महीने पैसा देना पड़ेगा; कुरावली पुलिस पर गंभीर आरोप, एसपी ने दिया जांच कर कार्रवाई का आश्वासन

Bhaskar Digital 1 week ago

मैनपुरी : जिले के कुरावली थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ढाबा संचालक ने कोतवाल और उनके कारखास सिपाहियों पर खुलेआम घूस मांगने और लगातार उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी से की है, जिसके बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

नेशनल हाईवे किनारे ढावा, फिर भी चैन नहीं

गांव नानामऊ निवासी विशाल मिश्रा ने बताया कि वह हाईवे किनारे ढावा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आरोप है कि कुरावली कोतवाली के कोतवाल तथा सिपाही लकी व प्रवीन आए दिन ढावे पर पहुंचकर दबाव बनाते हैं। ढावे की पार्किंग में खड़े वाहनों की फोटो खींची जाती है और वाहन चालकों को चालान की धमकी देकर वहां रुकने से रोका जाता है। पीड़ित का आरोप है कि क्षेत्र में ढाबा चलाने के लिए उसे ₹12 हजार रुपये की महीनेदारी मांगी जा रही है। थाने में तैनात सिपाही लकी एक बार उससे 5 हजार रुपये ले चुका है।

"हर महीने पैसा दो, तभी चलेगा ढावा"

पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मी साफ तौर पर कहते हैं कि अगर ढावा चलाना है तो हर महीने पैसा देना होगा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर झूठा मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने तक की धमकी दी जाती है। उसका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, जबकि वह ढाबे पर कोई गलत काम नहीं करता और परिवार चलाने के लिए ढाबे का संचालन कर जीवन यापन कर रहा है।

मंत्री तक पहुंची शिकायत, फिर भी दबाव जारी

विशाल मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत भोगांव विधायक (पूर्व मंत्री) रामनरेश अग्निहोत्री तथा पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से भी की थी, लेकिन इसके बाद भी पुलिसकर्मियों का रवैया नहीं बदला। उल्टा, शिकायत करने पर और अधिक दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री तक शिकायत करने जाएगा।

एसपी बोले – जांच के बाद होगी कार्रवाई

इस पूरे मामले पर एसपी मैनपुरी गणेश प्रसाद साहा ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। यदि पीड़ित द्वारा शिकायत दी गई है तो जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि क्या वर्दी की आड़ में वसूली का यह खेल चलता रहेगा या जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? फिलहाल पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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