New Delhi : राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में अचानक एक पांच मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं, जहां बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
फिलहाल टीम ने तीन लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि चार अन्य लोगों को दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) और एनडीआरएफ की मदद से बचाकर अस्पताल भेजा गया है। विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और बचाव अभियान जारी है।
सिविल डिफेंस मुख्यालय के डिप्टी चीफ वार्डन ने बताया कि विभाग के सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अभी भी 5 से 6 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। यह एक व्यावसायिक क्षेत्र है और मलबे को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। मौके पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें भी मौजूद हैं। सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट कर घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरने की घटना से वह बेहद चिंतित हैं। एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एक चश्मदीद ने बताया कि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। यहां कम से कम पांच मंजिला इमारत थी। तीन लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन उनकी मौसी अभी भी मलबे में फंसी हुई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, दमकल विभाग को शाम 7:45 बजे हादसे की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और तेजी से बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत गिरते ही पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत गिरने की वजह क्या थी। शुरुआती जांच में निर्माण की गुणवत्ता और इमारत की मजबूती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। महरौली थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

