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एनटीए ने मूक-बधिर और दृष्टिबाधित छात्रा के सीयूईटी यूजी परीक्षा के लिए किए विशेष इंतजाम

एनटीए ने मूक-बधिर और दृष्टिबाधित छात्रा के सीयूईटी यूजी परीक्षा के लिए किए विशेष इंतजाम

Bhaskar Digital 2 weeks ago
  • समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देते हुए एनटीए ने लखनऊ की छात्रा के लिए तैयार किया कस्टमाइज्ड सिस्टम
  • परीक्षा से तीन दिन पहले छात्रा के घर पर ही एनटीए अधिकारियों ने मॉक डेमो और प्रैक्टिस सेशन आयोजित किया

Lucknow : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 30 मई को सीयूईटी (यूजी) 2026 परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए मूक-बधिर और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए एनटीए ने विशेष इंतजाम किए। समावेशी शिक्षा को धरातल पर उतारते हुए एनटीए ने लखनऊ निवासी मूक-बधिर और दृष्टिबाधित छात्रा सारा मोईन की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार एक कस्टमाइज्ड सिस्टम तैयार किया। इस सिस्टम की मदद से छात्रा ने बिना किसी बाधा के सीयूईटी (यूजी) की परीक्षा दी।

लखनऊ के फूलबाग निवासी मोईन अहमद इदरीस ने एनटीए को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि उनकी बेटी सारा मोईन मूक-बधिर और दृष्टिबाधित है तथा वह सीयूईटी (यूजी) 2026 की परीक्षा देने वाली है, जिसके लिए विशेष तकनीकी इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने पत्र में विस्तार से तकनीकी जरूरतों की जानकारी एनटीए को दी थी।

उनके अनुरोध को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने सारा मोईन के लिए मॉक डेमो का आयोजन किया, जिससे उसका हौसला बढ़ा। परीक्षा के डर को दूर करने के लिए एनटीए ने परीक्षा से तीन दिन पहले सारा के घर पर ही विशेष मॉक डेमो और अभ्यास सत्र आयोजित किए, ताकि वह सिस्टम से पूरी तरह परिचित हो सके। इस विशेष तकनीक और प्रशिक्षण के बल पर सारा ने बिना किसी बाधा के परीक्षा दी।

एनटीए द्वारा किए गए विशेष इंतजाम पर सारा के पिता मोईन अहमद इदरीस ने कहा, "मेरी सबसे बड़ी चिंता यही थी कि मेरी बेटी अपनी विशेष परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा आराम से और पूरे आत्मविश्वास के साथ दे पाएगी या नहीं। एनटीए ने हमारी उम्मीदों से कहीं बढ़कर काम किया। उन्होंने मेरी बेटी की हर जरूरत को बहुत ध्यान से समझा और उसके लिए एक विशेष तकनीकी सिस्टम तैयार किया, जो पूरी तरह उसकी आवश्यकताओं के अनुसार बनाया गया था।

सबसे अच्छी बात यह रही कि एनटीए ने इसे केवल एक औपचारिक व्यवस्था की तरह नहीं लिया, बल्कि पूरी संवेदनशीलता, गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम किया। जब उसने परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दी, तो वह पूरी तरह शांत, आत्मविश्वासी और सहज थी। हम दिल से एनटीए का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी छात्र शारीरिक चुनौतियों के कारण पीछे न रह जाए। उन्होंने सिर्फ परीक्षा आयोजित नहीं की, बल्कि हमारी बेटी के आत्मविश्वास और उसके सपनों को भी नई ताकत दी है। यह समावेशिता का एक सच्चा उदाहरण है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bhaskar Digital