- मंगलवार को लखीमपुर खीरी जानी थी घनश्याम की बारात, हादसे से उत्सव के माहौल में पसरा सन्नाटा
- खाना बनाते समय भड़की लपटें, गृहस्थी के साथ शादी की तैयारियां भी खाक -ग्रामीणों ने अथक प्रयास से पाया काबू, मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने शुरू की विधिक जांच
Rajepur, Farrukhabad : नियति का क्रूर उपहास कहें या महज एक हादसा, लेकिन कस्बा राजेपुर में एक परिवार की महीनों की खुशियां चंद मिनटों में धुएं के गुबार में तब्दील हो गईं। जिस घर से मंगलवार को धूमधाम से बारात रवाना होनी थी, वहां रविवार को गैस सिलेंडर लीक होने से ऐसी भीषण आग लगी कि पूरा परिवार दाने-दाने और तिनके-तिनके को मोहताज हो गया। इस हादसे में दूल्हे की सगी बहन गंभीर रूप से झुलस गई है। वहीं, मध्यवर्गीय परिवार द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई से जुटाया गया करीब एक लाख रुपये मूल्य का घरेलू व शादी का सामान जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया।
रसोई में भड़की चिंगारी और मच गई अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कस्बे के निवासी घनश्याम के विवाह की रस्में जोर-शोर से चल रही थीं। लखीमपुर खीरी बारात जाने की तैयारियों के बीच रविवार को घर में मेहमानों के लिए भोजन पकाया जा रहा था। इसी दौरान रसोई गैस सिलेंडर के रेगुलेटर या पाइप से अचानक अनियंत्रित रिसाव (गैस लीकेज) शुरू हो गया। जब तक वहां मौजूद महिलाएं संभल पातीं, गैस ने हवा के संपर्क में आते ही विकराल आग का रूप ले लिया। लपटों की तीव्रता इतनी भयावह थी कि उसने पूरी रसोई को अपनी आगोश में ले लिया। अपने भाई की शादी के उल्लास में डूबी बहन अनीता (25) इस अग्निकांड की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गई। परिजनों ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसे लपटों के बीच से निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राजेपुर में भर्ती कराया, जहां पीड़िता का उपचार जारी है और स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
तिनका-तिनका बिखरा, स्थानीय लोगों ने संभाली कमान
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही स्थानीय युवाओं ने सूझबूझ का परिचय दिया। यदि ग्रामीण तत्परता से पानी और रेत का इंतजाम न करते, तो घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक घर में रखे 5 कीमती स्मार्टफोन, शादी के लिए विशेष तौर पर खरीदे गए परिधान, बर्तन और नकदी समेत करीब 1 लाख रुपये की संपत्ति मलबे में तब्दील हो चुकी थी। जिस आंगन में कल तक मंगलगीत गाए जा रहे थे, वहां अब केवल सन्नाटा और मायूसी पसरी है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए यूपी डायल-112 और स्थानीय पुलिस बल तुरंत हरकत में आया। थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने स्वयं घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
नागेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, राजेपुर – "प्रथम दृष्टया मामला रसोई गैस सिलेंडर के रिसाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हमारी प्राथमिकता घायल युवती को समुचित उपचार दिलाने की थी, जो सुनिश्चित कर दी गई है। राजस्व टीम के समन्वय से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और मामले की हर कोण से जांच की जा रही है ताकि पीड़िता के परिवार को हरसंभव प्रशासनिक मदद दिलाई जा सके।”

