Hamirpur : छात्र-छात्राओं ने गांव में सड़क नहीं होने के कारण शुक्रवार को कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और बच्चे डीएम ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गए।
इस दौरान "स्कूल जाना है, सड़क बनवाओ" और "रोड नहीं तो वोट नहीं" के जमकर नारे लगाए गए। करीब एक से डेढ़ घंटे चले हंगामे के बाद एडीएम राकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। बवाल बढ़ता देख जिम्मेदारों ने सड़क को कार्ययोजना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की और तत्काल एस्टीमेट बनवाया गया।
चंदूपुर डेरा गांव के लोगों का आरोप है कि अनगिनत योजनाओं के बावजूद आजादी के बाद से अब तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। कई बार मांग के बाद भी जिम्मेदार अनजान बने रहे हैं। बारिश के चार महीनों में मिट्टी का रास्ता दलदल बन जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं, जिससे शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। मेडिकल सुविधाएं बाधित हो जाती हैं। रिश्तेदार घर आने में कतराते हैं। बमुश्किल अपनी बेटियों की शादी होती है, वह भी स्थिति पता होने पर लोग इंकार कर देते हैं। सरकारी मंडियों तक किसान नहीं पहुंच पाते हैं। घरों में पानी भर जाता है और दलदल में जहरीले कीड़े पनपते हैं। जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रा रजनी, पूनम और सरोज ने बताया कि उन्हें स्कूल के लिए गांव से हमीरपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आना पड़ता है। बारिश के दिनों में चार महीने तक सड़क दलदल जैसी हो जाती है, जिससे निकलना मुश्किल हो जाता है और वे गांव में ही कैद हो जाते हैं। उनकी पढ़ाई का काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि हमें हर दिन स्कूल जाना है, इसलिए सड़क बनवाई जाए।
वार्ड नंबर 19 के सभासद राज बहादुर निषाद ने बताया कि ब्रह्मा का डेरा और बनवासी का डेरा, जो नगर पालिका क्षेत्र में आते हैं, वहां तक सड़क बनी हुई है, लेकिन चंदूपुर डेरा जो दोनों से लगा हुआ है, वहां आज तक सड़क नहीं बनी है।
बारिश के कारण पानी भरने से दिक्कत हुई थी, उसकी वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई है। वन विभाग और राजस्व से एस्टीमेट प्राप्त कर कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। करीब 60 लाख रुपये की लागत से डेढ़ किलोमीटर सड़क का जल्द निर्माण कराया जाएगा।
-मुनेंद्र प्रताप, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, हमीरपुर

