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Jhansi :  बारिश का बहाना कर नाला सफाई में न हो जाए लीपापोती

Jhansi : बारिश का बहाना कर नाला सफाई में न हो जाए लीपापोती

Bhaskar Digital 4 months ago
  • महानगर के नालों की सफाई पर खर्च किए जाने हैं 78 लाख रुपए
  • महानगर के कुल 21356.90 मीटर 14 नालों की सफाई
  • 15 जून से आ सकता है मानसून, ऐसे में ओवरफ्लो हो जाएंगे नाले
  • मुहल्लों में भर सकता है नालों का गंदा पानी और कचरा

Jhansi : बरसात से ठीक पहले महानगर के नालों की सफाई का कार्य प्रारंभ किया गया है। झांसी में 15 जून तक बरसात प्रारंभ हो जाती है। वहीं कई नालों की सफाई का कार्य पांच या दस प्रतिशत तक ही हो सका है। ऐसे में यदि नाला सफाई के दौरान बरसात प्रारंभ हो जाती है तो नालों में भरा कचरा और गंदा पानी नालों के समीप बस्तियों में भर सकता है। ऐसे में नालों का कचरा तो साफ अपने आप जाएगा और सफाई में खर्च किए जाने वाले 78 लाख भी पानी में बह सकते हैं।

मालूम हो कि महानगर के घरों से निकलने वाले गंदे पानी की शहर से बाहर निकासी के लिए नाले बनाए गए हैं। नगर निगम के मुख्य अभियंता राजवीर सिंह के अनुसार महानगर में 14 बड़े नालों जिनकी कुल लंबाई 21 किलोमीटर से अधिक है। इनमें से अधिकांश नालों की लंबाई दो से ढाई किलोमीटर से अधिक है। वहीं विभिन्न मुहल्लों में नालियों का जाल बिछा हुआ है। इन नालियों से मुहल्लों का गंदा पानी नालों में जाता है, फिर नालों के माध्यम से शहर के बाहर जाता है। इन नाले-नालियों में साल भर में बहुत ज्यादा सिल्ट और कचरा भर जाता है जिससे यह चोक हो जाते हैं। ऐसे में इनकी हर साल सफाई कराना जरूरी होता है जिससे बरसात के दिनों में नाला-नालियों में जल बहाव अवरुद्ध न हो।

वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.विनीत कुमार के अनुसार नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नाला गैंग बनाकर मुहल्लों की नालियों को साफ कराया जा रहा है। इस नाला गैंग में तकरीबन आउटसोर्स कंपनी के लगभग 125 कर्मचारी रखे गए हैं। इन कर्मचारियों के माध्यम से नालियों की सफाई का कार्य कराया जा रहा है।

नगर निगम में आउटसोर्स कंपनी द्वारा रखे गए इन कर्मचारियों के पारिश्रमिक को लेकर बीते कई दिनों से कर्मचारी संगठनों ने सवाल उठाए हैं। खैर, नालों की सफाई के कार्य को लेकर हर साल सवाल उठाए जाते हैं,साथ ही इन नालों को ढंकने की बात कही जाती है। लेकिन इसके बाद भी महानगर के नाले-नालियों को ढंका नहीं गया।

अतिक्रमण से काम में हो रही बाधा
महानगर के शहरी क्षेत्र में निकलने वाले अधिकांश नालों पर अतिक्रमण हो चुका है, जिसकी वजह से इनकी सफाई कराना संभव नहीं है। अतिक्रमण की वजह से गहरे नालों की मशीन से सफाई नहीं हो पा रही है। इन हालातों में यहां कर्मचारियों से नालों की सफाई कराई जा रही है। मालूम हो कि इस भीषण गर्मी में कीचड़ और कचरे से भरे नालों में उतरकर मलबा निकालना बहुत मुश्किल कार्य है।

नालों की सिल्ट पहुंच रही बिजौली खंती
महानगर के नाले-नालियों से निकलने वाली सिल्ट और कचरे को समय से उठाया जाना चाहिए ताकि बरसात में यह कचरा फिर से नालों में न भर सके। इसके लिए नालों से निकलने वाली सिल्ट और कचरे को ट्रैक्टर-डंपरों की सहायता से बिजौली स्थित नगर निगम की खंती में डाला जा रहा है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bhaskar Digital