Jhansi : बुंदेलखंड की भीषण उमस और गर्मी के बीच रक्सा गांव के लोगों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग बार-बार फॉल्ट का हवाला देकर घंटों बिजली आपूर्ति बाधित कर रहा है, जबकि समस्या का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा।
इससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार रात पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप रही। पूरी रात बिजली नहीं आने के बाद शनिवार सुबह करीब 5 बजे सप्लाई बहाल की गई। जब लोगों ने अधिकारियों से बिजली गुल रहने का कारण पूछा तो उन्हें 33 केवी लाइन में फॉल्ट होने और उसे तलाशने में समय लगने की बात बताई गई। हालांकि सुबह बिजली आने के कुछ ही घंटे बाद करीब 9 बजे फिर से आपूर्ति बंद कर दी गई। शाम 5 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस बार विभाग की ओर से 11 केवी लाइन में फॉल्ट होने की बात कही गई।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूरी रात और पूरा दिन भीषण गर्मी में बिना बिजली के बिताया। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकांश अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया या मोबाइल बंद मिला। इससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रक्सा, जो मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट बीड़ा (Bundelkhand Industrial Development Authority – BIDA) का प्रमुख केंद्र माना जाता है और जिसकी आबादी 25 हजार से अधिक है, वहां आज भी बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उनका आरोप है कि कागजों में गांव को प्रतिदिन 18 घंटे बिजली आपूर्ति दर्शाई जाती है, जबकि वास्तविकता में कई बार 8 घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल पाती।
भीषण उमस और गर्मी के कारण बच्चे, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण सबसे अधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने, फॉल्ट का स्थायी समाधान करने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।

