गाजियाबाद : दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए बहुचर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। इस जघन्य कत्ल की पटकथा किसी और ने नहीं, बल्कि मुख्य हत्यारोपी असद के पिता नबाव ने खुद लिखी थी।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पिता ने ही अपने सगे बेटे असद को उकसाते हुए कहा था कि ‘आज इसकी कहानी खत्म कर दे’। इस खुलासे के बाद जहां पुलिस ने पिता समेत तीन साजिशकर्ताओं को सलाखों के पीछे भेज दिया है, वहीं दूसरी तरफ रविवार सुबह पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में 50 हजार के इनामी मुख्य हत्यारोपी असद को ढेर कर दिया गया है।
बाइक चलाने के विवाद में सुलग रही थी आग, पिता ने रची खौफनाक साजिश
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बीती 28 मई को खोड़ा थाना क्षेत्र में सूर्या चौहान नाम के युवक की बेरहमी से चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस कस्टडी में आए सह-आरोपी फरहान ने पूछताछ में उगल दिया कि वारदात वाले दिन असद और सूर्या के बीच बाइक चलाने की मामूली बात को लेकर तीखी बहस और मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए।
असद ने घर पहुंचकर इस झगड़े की बात अपने पिता नबाव और दोस्त फरहान को बताई। सूर्या को सबक सिखाने के लिए पिता ने तुरंत एक खौफनाक योजना बनाई और सूर्या को धोखे से बातचीत के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया।
दोस्त ने थमाया चाकू, पिता ने दी ‘सुपारी’: आज इसकी कहानी खत्म कर दे
योजना के मुताबिक, जैसे ही सूर्या वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया।
पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा: असद के दोस्त फरहान ने अपनी जेब से एक धारदार चाकू निकालकर असद के हाथ में थमा दिया। इसी दौरान असद के पिता नबाव ने अपने बेटे का हौसला बढ़ाते हुए चिल्लाकर कहा, “आज इसकी कहानी हमेशा के लिए खत्म कर दे!” पिता की शह मिलते ही असद ने आव देखा न ताव और सूर्या के सीने में पूरी ताकत से चाकू घोंप दिया। सूर्या लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
भागने की फिराक में था असद, घेराबंदी के दौरान पुलिस पर झोंका फायर
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि वारदात के बाद परिजनों की तहरीर पर 5 आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने और मदद करने के आरोप में असद के पिता नबाव, दोस्त फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य कातिल असद फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर कमिश्नरेट पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
रविवार सुबह मुखबिर से पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि असद अपने कुछ साथियों से पैसे लेकर राज्य से बाहर भागने की फिराक में खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र के पास आने वाला है।
एनकाउंटर में कातिल असद ढेर, एक जांबाज सिपाही भी घायल
सूचना मिलते ही स्वात (SWAT) और खोड़ा थाने की पुलिस ने वसुंधरा क्षेत्र में बैरियर लगाकर सघन कॉम्बिंग और चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो असद ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की इस गोलीबारी में खोड़ा थाने में तैनात एक सिपाही भी पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें जवाबी गोलीबारी के दौरान असद गंभीर रूप से घायल होकर बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ का फायदा उठाकर असद का दूसरा साथी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जंगल में कांबिंग कर रही हैं। पुलिस ने मृतक असद के पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

