Dailyhunt
कफ सीरप मामला :  पुलिस ने 39 हजार पन्नों की चार्जशीट में लिखी तस्करों की करतूत, कुर्क होगी शुभम की संपत्ति

कफ सीरप मामला : पुलिस ने 39 हजार पन्नों की चार्जशीट में लिखी तस्करों की करतूत, कुर्क होगी शुभम की संपत्ति

Bhaskar Digital 6 days ago

Varanasi : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कफ सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 39 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में अब तक 30 आरोपियों की 45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

सरगना शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया गया है और उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

वर्ष 2025 के 15 नवंबर को कोतवाली में दर्ज इस कफ सीरप तस्करी के मामले की जांच पुलिस ने 142 दिनों बाद पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया है। पुलिस ने औषधि निरीक्षक जुनाब अली की शिकायत पर यूपी, बिहार से लेकर झारखंड तक में तस्करी किए जाने का आरोप लगाते हुए, सरगना शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद सहित 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के दौरान कई अन्य नाम भी सामने आए हैं।

पुलिस ने तस्करी के इस अवैध कारोबार से कमाई गई 45 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है। एसीपी विजय प्रताप ने बताया कि पुलिस कोर्ट में आरोपितों के खिलाफ पूरी तत्परता से पैरवी करेगी। साथ ही, रामनगर में दर्ज मुकदमे में भी पुलिस आरोपितों पर कानून का शिकंजा कस रही है। उन्होंने कहा कि 39 हजार पन्नों में लिखी गई इस तस्करी की करतूत का हर आरोपित का तथ्यपरक ब्योरा मौजूद है।

इसी मामले में, सरगना शुभम जायसवाल को सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी (14 वां वित्त आयोग) मनोज कुमार ने दूसरी बार भगोड़ा घोषित कर दिया। कोर्ट ने रोहनिया पुलिस की अर्जी पर यह आदेश पारित किया। यदि शुभम को जल्द ही गिरफ्तार नहीं किया गया, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई कोर्ट के आदेशानुसार की जाएगी।

पुलिस कमिश्नरेट प्रशासन ने दुबई में छिपे शुभम जायसवाल का प्रत्यर्पण कराने के लिए रेड कार्नर नोटिस पहले ही जारी कर रखा है। वहीं, रोहनिया पुलिस के पास गाजियाबाद के कफ सीरप तस्कर के खिलाफ कार्रवाई शेष रह गई है।

पिछले साल 19 नवंबर को रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित एक जिम में बनाए गए गोदाम से 500 पेटी से अधिक कफ सीरप बरामद कर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जांच में पुलिस को आजाद जायसवाल, महेश सिंह, भोला प्रसाद (शुभम के पिता), शिवाकांत उर्फ शिवा, स्वप्निल केसरी, दिनेश यादव, मनीष यादव व शुभम यादव जैसे नाम सामने आए हैं। इन सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन शुभम अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं है।

रोहनिया थाना प्रभारी ने बताया कि शुभम पर शिकंजा कसने के लिए विशेष जांच अधिकारी दारोगा दिनेश कुमार त्रिपाठी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कोर्ट में शुभम को भगोड़ा घोषित करने के लिए अर्जी दी गई, जिस पर सोमवार को आदेश पारित हुआ। इसके बाद कोर्ट के आदेश के तहत शुभम के निवास स्थान और कोर्ट परिसर में नोटिस चस्पा किए गए हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनिल कुमार सिंह व अरविंद श्रीवास्तव ने कोर्ट में शुभम की गिरफ्तारी की मांग की है।

इस क्रम में, 19 नवंबर 2025 को दर्ज केस के बाद, पुलिस ने 22 जनवरी को गैर जमानती वारंट जारी किया। 24 फरवरी को कुर्की पूर्व उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ और 26 फरवरी को इसे सार्वजनिक स्थान पर चस्पा किया गया। 27 फरवरी को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित किए गए। 30 मार्च को अदालत में अंतिम तिथि निर्धारित हुई, लेकिन 1 अप्रैल को कोर्ट में नहीं पहुंचने पर पुलिस ने उसके खिलाफ न जमानती वारंट जारी किया। 5 अप्रैल को कोर्ट ने उसकी भगोड़ा घोषित करने का आदेश दिया।

ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान में 'सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन', एक रात में तबाही की चेतावनी

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bhaskar Digital