- तत्कालीन डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर पीओ डूडा ने कराई थी एफआईआर
- कासगंज में लाभार्थियों से पैसे मांगने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, पहले दर्ज मुकदमों के बावजूद सक्रिय होने पर उठे सवाल
Kasganj : जनपद के डूडा विभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लाभार्थियों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ लोग खुद को डूडा विभाग का कर्मचारी बताकर आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से पैसे की मांग कर रहे हैं। मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से किए जाने के बाद अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह ने इस पर सख्त रुख अपनाया है।
अपर जिलाधिकारी ने डूडा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवास योजना के नाम पर लोगों को गुमराह कर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कासगंज, गंजडुंडवारा और सहावर क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति खुद को डूडा कर्मचारी बताकर लाभार्थियों से पैसे मांगता पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मामला नगर पालिका परिषद कासगंज, नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा और नगर पंचायत सहावर क्षेत्रों से जुड़ा है। आरोप है कि यहां आवास योजना के लाभार्थियों से किस्त जारी कराने और जांच प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
अपर जिलाधिकारी ने डूडा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर सवाल उठाए कि जिन लोगों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है, वे दोबारा क्षेत्र में घूमकर लाभार्थियों से पैसे कैसे वसूल रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद में कई लाभार्थियों के खातों में आवास योजना की पहली किस्त पहुंच चुकी है। इसके बावजूद कुछ लोग योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। वर्ष 2021 में भी अवैध वसूली की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर डूडा विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

आखिर जिम्मेदार कौन, पीओ या ईओ?
आवास योजना की जांच के लिए जब डूडा विभाग की टीम क्षेत्र में जाती है तो इसकी जानकारी संबंधित नगर पालिका या नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) और डूडा परियोजना अधिकारी (पीओ) को रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फर्जी लोग विभागीय जानकारी के बिना क्षेत्र में सक्रिय कैसे हैं।
इस मामले में पीओ डूडा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्तियों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई फर्जी व्यक्ति क्षेत्र में लाभार्थियों से वसूली करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ संबंधित कंपनी और नामित व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
2021 में दर्ज हो चुकी है एफआईआर
कासगंज में तत्कालीन जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर वर्ष 2021 में आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत के आधार पर डूडा विभाग ने सोरों थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बावजूद ऐसे लोगों के दोबारा सक्रिय होने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
50 हजार रुपये मांगने की चर्चा
जनपद में डूडा विभाग आवास योजना को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर लाभार्थियों से 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में एक संविदाकर्मी से उसके आवास के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का मामला भी सामने आया था, जिसकी जानकारी ईओ को दी गई थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डूडा विभाग में तैनात कुछ सीएलटीसी कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। लाभार्थियों से अवैध वसूली में उनकी भूमिका होने की भी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

