- जियो बैग से मजबूत किया गया तटबंध, हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने वाले किसानों को इस बार राहत की उम्मीद
Nighasan, Lakhimpur Kheri : निघासन विधानसभा क्षेत्र में हर वर्ष शारदा और सूतिया नदी के बढ़ते जलस्तर से जूझने वाले किसानों के लिए इस बार राहत भरी खबर है।
मानसून शुरू होने से पहले लालबोझी शारदा-सूतिया क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे तटबंध (बांध) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बांध के दोनों किनारों पर जियो बैग लगाकर उसे और अधिक मजबूत बनाया गया है, जिससे बरसात के दौरान नदी के तेज बहाव और कटान से सुरक्षा मिल सके। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से शारदा और सूतिया नदी में जलस्तर बढ़ने पर आसपास के गांवों और हजारों बीघा कृषि भूमि में पानी भर जाता था। इससे धान, गन्ना समेत अन्य फसलें बर्बाद हो जाती थीं और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था। लगातार हो रहे नुकसान के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही थी।
इसी समस्या को लेकर क्षेत्र के किसानों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह से मुलाकात कर स्थायी समाधान की मांग की थी। किसानों की बात को गंभीरता से लेते हुए राजा राजेश्वर सिंह ने कई बार मौके का निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री तथा सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और स्थायी बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। राजा राजेश्वर सिंह के प्रयासों के बाद सिंचाई विभाग ने पहले लालबोझी शारदा-सूतिया क्षेत्र में तिगुड़िया लगाने का कार्य कराया था। इसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला और पिछले वर्ष पहले की तुलना में बाढ़ का असर कम रहा। किसानों की फसलों को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ, जिससे लोगों में स्थायी समाधान की उम्मीद जगी।

इसके बाद शासन स्तर पर लगातार हुई पैरवी के परिणामस्वरूप सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया और बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी तटबंध निर्माण की योजना पर तेजी से काम शुरू कराया। विभाग ने निर्धारित समय के भीतर बांध निर्माण कार्य पूरा कर लिया। बांध की मजबूती के लिए दोनों ओर जियो बैग लगाए गए हैं, जिससे नदी के कटान पर प्रभावी नियंत्रण रखने के साथ-साथ तेज बहाव के दौरान तटबंध सुरक्षित बना रहेगा। ग्रामीणों का मानना है कि इस बांध के बनने से घाघी क्षेत्र की ओर आने वाले अतिरिक्त पानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे लालबोझी सहित आसपास के गांवों में जलभराव की समस्या कम होगी और किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी। साथ ही कृषि कार्य भी पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।
बांध निर्माण पूरा होने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने शासन, सिंचाई विभाग तथा राजा राजेश्वर सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस बार मानसून के दौरान वर्षों से चली आ रही बाढ़ की समस्या से काफी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि यदि तटबंध प्रभावी साबित हुआ तो हजारों बीघा कृषि भूमि सुरक्षित रहेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और क्षेत्र के लोगों का जीवन भी पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित होगा।

