- हर बच्चे के नामांकन का लक्ष्य, शिक्षकों व अधिकारियों को घर-घर संपर्क कर अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश
Maharajganj : जिले में संचालित स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एआरपी, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय से बाहर रहने वाला कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी अधिकारी और शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
बीएसए ने कहा कि स्कूल चलो अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण अभियान है। इसके लिए सभी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाए। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें, उन्हें सरकारी विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दें तथा बच्चों का तत्काल नामांकन सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए, ताकि विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल तक लाया जा सके। प्रत्येक विद्यालय अपने क्षेत्र का सर्वे कर ड्रॉपआउट एवं नए प्रवेश योग्य बच्चों की सूची तैयार करे और निर्धारित समय के भीतर उनका प्रवेश कराए।
बीएसए ने कहा कि अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों का निरीक्षण कर नामांकन की प्रगति पर नजर रखें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाई गई तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, मध्यान्ह भोजन सहित विभिन्न सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में अभिभावकों को इन योजनाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाए।
बीएसए ने सभी शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे इसे विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व समझकर कार्य करें। प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्कूल चलो अभियान तभी सफल होगा जब सभी अधिकारी, शिक्षक और समाज मिलकर इसे जन आंदोलन का स्वरूप देंगे।
स्कूल चलो अभियान जिले के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एआरपी, प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को घर-घर संपर्क कर अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा विद्यालय से जोड़ा जाए तथा अभिभावकों को परिषदीय विद्यालयों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी जाए। अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान: प्रमुख निर्देश
- घर-घर जाकर नए बच्चों का नामांकन कराया जाए।
- ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर पुनः विद्यालय से जोड़ा जाए।
- अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए।
- खंड शिक्षा अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।
- लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों व शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

