नई दिल्ली: देशभर में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे राज्यों को राहत तो मिली है, लेकिन अब तेज मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं ने आफत खड़ी कर दी है।
लगातार हो रही बारिश से देश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं, तो वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा चरम पर है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई और गुजरात तक, आसमानी आफत ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
दिल्ली-NCR और यूपी में आज तबाही का अलर्ट, 80 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी
आज 8 जुलाई को दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा उलटफेर होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है और भारी बारिश होगी। इस दौरान दिल्ली का तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट जाएगा। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली के खंभे उखड़ने का खतरा है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश के भी कई प्रमुख जिलों जैसे मथुरा, झांसी, अयोध्या और प्रयागराज में 80 किमी की रफ्तार से तूफान के साथ भारी बारिश का ‘हाई अलर्ट’ जारी किया गया है।
मुंबई में बाढ़ जैसे हालात, गुजरात के नवसारी में पानी में डूबी बस
महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में मूसलाधार बारिश के चलते रफ्तार थम गई है। मायानगरी में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है। वडाला RTO समेत कई निचले इलाकों की सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे लोकल ट्रेनें और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उधर, गुजरात के नवसारी में आफत की बारिश के कारण एक सर्विस रोड पर इतना पानी भर गया कि यात्रियों से भरी एक बस बीच रास्ते में ही फंस गई। बस के आधे पहिए पानी में डूब गए, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य की टीमों (SDRF) ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गुजरात के सौराष्ट्र, सूरत और वलसाड के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ लागू है।
केरल के वायनाड में बड़ा हादसा: भूस्खलन से 3 की मौत, 7 लापता
दक्षिण भारत में मानसून का सबसे क्रूर रूप केरल में देखने को मिला है। केरल के वायनाड में पिछले 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 265 मिलीमीटर (mm) मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण एक बड़े टनल प्रोजेक्ट साइट पर अचानक भीषण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हो गया। मलबे की चपेट में आने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 7 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मलबे से निकाले गए कई घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अनुमान है।
बिहार-बंगाल में आसमानी बिजली का कहर, राजस्थान में 10 जुलाई तक चेतावनी
बिहार के पटना, गया और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने की आशंका जताते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता और पहाड़ी क्षेत्रों में भी जलभराव की वजह से ट्रैफिक रेंग रहा है।
दूसरी तरफ, राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और जोधपुर समेत कई जिलों में 8 से 10 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वहां के बांध और नदियां उफान पर आ सकते हैं। उत्तराखंड में भी 10 जुलाई तक फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रियों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

