चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान और गुटबाजी की अटकलों पर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर हुई नेताओं की बैठक से शुरू हुए विवाद को खारिज करते हुए वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस में किसी भी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है।
पार्टी पूरी तरह एकजुट है और अगले एक-दो दिनों के भीतर राज्य के सभी वरिष्ठ नेता एक साथ एक ही मंच पर नजर आएंगे।
चन्नी के घर हुई बैठक को बताया सामान्य
राजा वड़िंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में अगर कांग्रेस के कुछ नेता उनके घर पर मुलाकात करते हैं, तो इसमें कुछ भी असामान्य या हैरान करने वाला नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कल यही नेता उनके खुद के घर या सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर भी बैठक कर सकते हैं, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि पार्टी के भीतर कोई अंदरूनी लड़ाई या कलह चल रही है। उन्होंने साफ किया कि राहुल गांधी और कांग्रेस हाईकमान चन्नी का पूरा सम्मान करते हैं, और चन्नी का केंद्रीय नेतृत्व से मिलना भी एक सामान्य सांगठनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
अनुशासनहीनता पर दी सख्त चेतावनी
संगठन में अनुशासन का हवाला देते हुए राजा वड़िंग ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अनुशासन सर्वोपरि है और प्रदेश अध्यक्ष समेत कोई भी नेता संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। सभी को अपनी मर्यादा में रहकर ही काम करना होगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि चरणजीत सिंह चन्नी या किसी अन्य वरिष्ठ नेता ने अब तक कोई पार्टी विरोधी काम नहीं किया है, लेकिन उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कोई पूर्व विधायक या नेता सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करता है या अनुशासनहीनता फैलाता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर संयम बरतने की अपील की।
सीएम पद की दौड़ से खुद को बताया बाहर
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग पर वड़िंग ने कहा कि यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मुख्यमंत्री के चेहरे पर अंतिम निर्णय केवल और केवल कांग्रेस हाईकमान यानी राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से पूरी तरह बाहर बताते हुए कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है। हाईकमान मुख्यमंत्री के रूप में जिस भी नेता के नाम पर मुहर लगाएगा, वह उसके साथ पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे।
सुखजिंदर रंधावा का बचाव और भाजपा पर हमला
राजा वड़िंग ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की मुलाकात का भी पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि रंधावा इस मुलाकात को लेकर पहले ही स्थिति साफ कर चुके हैं कि यह बैठक पंजाब की कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर नेटवर्क और सीमावर्ती इलाकों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर केंद्रित थी। वड़िंग ने रंधावा को कांग्रेस का एक समर्पित और वफादार नेता बताया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पंजाब की जनता आज भी पूरी तरह कांग्रेस के साथ खड़ी है और भाजपा को राज्य में पैर पसारने के लिए कोई राजनीतिक जमीन नहीं मिलने वाली है।

