टनकपुर, चंपावत। मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन के लिए जा रहे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा रविवार को उस समय थम गई, जब बाटनागाड़ क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने से मार्ग बाधित हो गया। नाले में आई तेज बाढ़ के कारण करीब तीन से चार हजार श्रद्धालु रास्ते में फंस गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, पूर्णागिरि धाम में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु टनकपुर मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाटनागाड़ क्षेत्र में जलधारा का बहाव अचानक तेज हो गया, जिससे मार्ग पार करना जोखिम भरा हो गया। देखते ही देखते हजारों श्रद्धालु दोनों ओर फंस गए और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ठुलीगाड़ चौकी प्रभारी हरीश कुमार, बूम चौकी प्रभारी संदीप पिलख्वाल अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। मेला मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर तथा सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई। पुलिस टीम लगातार श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील करती रही।
अभियान पूरा होने के बाद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। वहीं, क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पूर्णागिरि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी है।

