नई दिल्ली : देश में परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रस्तावित संविधान संशोधनों को 'सत्ता हथियाने की एक गहरी साजिश' करार दिया है।
राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार परिसीमन और जेरीमैंडरिंग (निर्वाचन क्षेत्रों का अनुचित हेरफेर) के जरिए लोकतांत्रिक ढांचे के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों को भारी नुकसान हो सकता है।
‘महिला आरक्षण सिर्फ एक कवर, असली खेल परिसीमन का’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसे लागू करने के लिए जो तरीका अपना रही है, वह संदिग्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का ऐसा जाल बुन रही है जिससे हिंदी भाषी राज्यों को फायदा मिले और दक्षिण भारतीय राज्यों की आवाज कमजोर हो जाए। उन्होंने इसे ‘फेडरल स्ट्रक्चर’ (संघीय ढांचे) पर हमला बताया।
850 सीटों वाली लोकसभा: विपक्ष को सता रहा है डर
संसद के विशेष सत्र से पहले चर्चा है कि सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक कर सकती है। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का मानना है कि यदि जनसंख्या के आधार पर सीटों का बंटवारा हुआ, तो उन राज्यों को ‘सजा’ मिलेगी जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में सफलता पाई है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि दक्षिण, पूर्वोत्तर और अन्य छोटे राज्यों के साथ यह अन्याय कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
ओबीसी और जाति जनगणना पर चुप्पी क्यों?
राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘जाति जनगणना’ का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिना डेटा के परिसीमन करना ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को छीनने जैसा है। कांग्रेस नेता का दावा है कि सरकार जानबूझकर जातिगत आंकड़ों को नजरअंदाज कर रही है ताकि सत्ता का केंद्रीकरण किया जा सके। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए।
विपक्ष की घेराबंदी: मल्लिकार्जुन खरगे के घर हुई बड़ी बैठक
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इन आरोपों के बीच ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि वे संसद में परिसीमन से जुड़े किसी भी ऐसे प्रावधान का विरोध करेंगे जो राज्यों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ता हो। विपक्ष का कहना है कि सरकार ‘जेरीमैंडरिंग’ के जरिए अपनी चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का भूगोल बदलना चाहती है।

