अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के कई प्रमुख नेताओं ने सख्त टिप्पणियां की हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता रोहित पवार और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस पूरे प्रकरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इन नेताओं ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी सवाल खड़े किए हैं, यह कहते हुए कि लोगों की आस्था से जुड़े दान का गलत इस्तेमाल किया गया है।
पूरे ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज हो – संजय राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “राम मंदिर से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में इस्तीफे का लेना-देना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि राम मंदिर में हुई लूट का हिसाब कौन देगा? यदि कोई गरीब 50 रुपये की चोरी करता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है, पर यहां 10 लाख रुपये का मामला है तो ED जैसी एजेंसियां क्यों नहीं कदम उठातीं? इस मामले में बीजेपी के लोगों और उनके बनाए ट्रस्ट ने करीब 550 करोड़ रुपये का घपला किया है। यह मामला एक साल से चल रहा है। बाद में, भगवान राम के गहने और माता सीता के आभूषणों की चोरी के आरोप भी लगे। यह लगभग 2000 करोड़ रुपये का घोटाला है। पूरे ट्रस्ट के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए।”
बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ- रोहित पवार
राकांपा नेता और करजत-जामखेड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित पवार ने कहा, “अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान जमीन को लेकर भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। जो जमीन 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी, उसे कुछ ही मिनटों में 18 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेच दिया गया। इसके साथ ही, मंदिर निर्माण में किए गए खर्च का भी 40 प्रतिशत अधिक हिसाब सामने आया है। लोगों ने अच्छी भावना से दान दिया था, लेकिन यदि उसमें भ्रष्टाचार हुआ है तो यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है। इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार के संबंध में कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायिक जांच ही इस मामले का सही समाधान है, क्योंकि CBI, ED या CID जैसी एजेंसियां कार्रवाई नहीं करेंगी।”
सुप्रिया श्रीनेत का सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “चंपत राय बंसल और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। यह बात ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि भी कह रहे हैं, जो स्वयं कहते हैं कि वे खुद कुछ नहीं करते थे। प्रभु राम के मंदिर के प्रति इन लोगों की गंभीरता क्या थी, यह स्पष्ट हो गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरएसएस की इसमें पूरी भूमिका है। चंपत राय या अनिल मिश्रा को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई है? ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए क्योंकि इस पर अब भरोसा नहीं रहा।”

