कानपुर देहात, भास्कर ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। जिले के झींझक कस्बे में स्थित भोला नगर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) को एंटी करप्शन की टीम ने ₹20,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी जेई ठेकेदार से कराए गए काम के भुगतान के बदले एडवांस कमीशन की मांग कर रहा था और पैसे न मिलने पर फाइल आगे नहीं बढ़ा रहा था। इस कार्रवाई के बाद से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
लोन का हवाला देने पर भी नहीं पसीजा जेई, बिल का 6% मांग रहा था कमीशन
पूरा मामला बिरिया गढ़ेवा के रहने वाले पुनीत सिंह की शिकायत से जुड़ा है। पीड़ित पुनीत ने बताया कि उनके पिता की ‘क्षत्रिय इलेक्ट्रिकल’ के नाम से एक फर्म है, जिसके जरिए वे बिजली विभाग में ठेकेदारी का काम करते हैं। फर्म ने हाल ही में विद्युत लाइनों की मरम्मत का काम पूरा किया था, जिसका करीब 1 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान विभाग के पास बकाया था। इस बकाया बिल को पास करने और एमवी (Measurement Book Entry) करने के एवज में जेई रंगलाल पाल कुल रकम का 6 फीसदी हिस्सा बतौर एडवांस कमीशन मांग रहा था। ठेकेदार ने अपनी मजबूरियों और बैंक लोन का हवाला देकर असमर्थता जताई, लेकिन दिल पिघलने के बजाय जेई ने काम रोकने की धमकी देते हुए एमवी करने से साफ इनकार कर दिया।
उच्चाधिकारियों ने फेरा मुंह, तब एंटी करप्शन ने बिछाया जाल
भ्रष्टाचार के इस दलदल से परेशान होकर पीड़ित ठेकेदार ने पहले बिजली विभाग के आला अधिकारियों की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन, अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते किसी ने भी इस गंभीर शिकायत को तवज्जो नहीं दी। जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी, तो पीड़ित ने सीधे एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज कराई। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि शुरुआती गोपनीय छानबीन में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई, जिसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया गया।
कैमिकल लगे नोट पकड़ते ही खुली पोल, कोतवाली में मुकदमा दर्ज
सोमवार को तय रणनीति के मुताबिक, एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत के रूप में दिए जाने वाले ₹20,000 के नोटों पर विशेष केमिकल लगाया और शिकायतकर्ता पुनीत को लेकर भोला नगर विद्युत उपकेंद्र पहुंची। पीड़ित ने जैसे ही जेई रंगलाल पाल के केबिन में जाकर उसे रिश्वत की रकम सौंपी, वैसे ही घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम ने धावा बोल दिया। जेई ने जैसे ही रकम हाथ में पकड़ी, टीम ने उसे दबोच लिया। पानी से हाथ धुलवाते ही आरोपी की उंगलियां लाल हो गईं, जिससे घूसखोरी की ऑन-स्पॉट पुष्टि हो गई।
इस औचक कार्रवाई से सबस्टेशन परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। टीम आरोपी जेई को तुरंत अपनी कस्टडी में लेकर अकबरपुर कोतवाली के लिए रवाना हो गई, जहां आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

