Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सीएम योगी का हंटर: संभल में सरकारी जमीन घोटाले पर बड़ा एक्शन, प्रमोट होकर एसडीएम बने PCS अधिकारी करन सिंह सस्पेंड

सीएम योगी का हंटर: संभल में सरकारी जमीन घोटाले पर बड़ा एक्शन, प्रमोट होकर एसडीएम बने PCS अधिकारी करन सिंह सस्पेंड

Bhaskar Digital 2 weeks ago

खनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्तियों में हेरफेर करने वालों के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश पर उत्तर प्रदेश शासन ने तहसीलदार से प्रमोट होकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बने पीसीएस (PCS) अधिकारी करन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

गुन्नौर तहसील में तहसीलदार रहते हुए किया था ‘जमीन खेल’

यह पूरा मामला संभल जिले की गुन्नौर तहसील से जुड़ा हुआ है। करन सिंह पर आरोप है कि जब वह गुन्नौर में तहसीलदार के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीन का अवैध रूप से आवंटन किया था। शासन को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में संभल के जिलाधिकारी (DM) व आईएएस (IAS) अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि वर्ष 2017 में तैनाती के दौरान करन सिंह ने गुन्नौर तहसील के ग्राम सुखैला असदपुर में सरकारी भूमि के आवंटन में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं की थीं।

प्रतिबंधित ‘झाऊ’ और ‘रेता’ की जमीन चहेतों को बांटी

संभल डीएम की जांच रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन तहसीलदार करन सिंह ने गांव में श्रेणी-5(3) के तहत दर्ज ‘झाऊ’ की भूमि और श्रेणी-6(4) के तहत दर्ज ‘रेता’ (नदी किनारे की रेतीली जमीन) की सरकारी भूमि को अवैध रूप से आवंटित कर दिया।

क्या कहता है कानून? उत्तर प्रदेश भूमि राजस्व संहिता के कड़े प्रावधानों के अनुसार, इस विशिष्ट श्रेणी की सरकारी भूमि का किसी भी निजी व्यक्ति के नाम आवंटन पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। यह जमीनें पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षित व आरक्षित रखी जाती हैं।

डीएम की जांच में यह साफ हुआ कि पीसीएस अधिकारी ने आवंटन के दौरान तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और पात्रता के सभी मानकों व नियमों की जमकर अनदेखी की।

प्रयागराज कमिश्नर दफ्तर से किया संबद्ध, अन्य सहयोगियों पर भी कसेगा शिकंजा

संभल जिलाधिकारी की इसी विस्तृत और पुख्ता रिपोर्ट के आधार पर शासन ने त्वरित कदम उठाते हुए करन सिंह को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उन्हें प्रयागराज मंडलायुक्त (कमिश्नर) कार्यालय से संबद्ध (Attach) किया गया है। शासन ने इस पूरे भूमि घोटाले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू करवा दी है ताकि इस अवैध आवंटन के खेल में शामिल रहे अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और भू-माफियाओं की भूमिका को भी पूरी तरह स्पष्ट कर उनके खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

प्रशासनिक गलियारों में इस निलंबन को योगी सरकार के कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आला अधिकारियों का साफ कहना है कि सरकारी जमीनों और राजस्व की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Bhaskar Digital