Iran US War : ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव इस बार अपने चरम पर पहुंच चुका है, जब से ईरान ने बीते 24 घंटे में अमेरिकी सेना को जबरदस्त चोट पहुंचाई है। इस संघर्ष के दौरान ईरानी सेना ने न केवल अपने हवाई हमले में अमेरिका के कई फाइटर जेट, एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर उन्हें मार गिराया है, बल्कि इस पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया भी दी है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
24 घंटे में ईरानी सेना ने दो अमेरिकी फाइटर जेट मार गिराए
पिछले 24 घंटे में ईरानी सेना ने अपने सैन्य कौशल का प्रदर्शन करते हुए अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक बड़ा एयरक्राफ्ट और कई हेलीकॉप्टर को अपने हवाई हमलों में निशाना बनाया और उन्हें ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, ईरानी सेना ने अमेरिकी ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को भी हवा में ही फुस्स कर दिया। इस हमले में एक अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश हो गया है, जिसका पायलट अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
इस सैन्य सफलता के बाद, ईरान ने अपने सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मज़ाक उड़ाते हुए एक पोस्ट डाली है। इस पोस्ट में लिखा है, “ट्रंप, प्लीज कुछ तो बोलिए, हम बोर हो रहे हैं।” यह पोस्ट जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने की है। इस मजाकिया टिप्पणी ने अमेरिका और उसकी सेना की बदनामी का माहौल बना दिया है, क्योंकि यह दिखाने का प्रयास है कि ईरान की ताकत अमेरिकी दावों से कहीं अधिक है।
ईरान ने ट्रंप के दावों को झूठा साबित किया
यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब ट्रंप ने हाल ही में अपने भाषण में दावा किया था कि ईरान की मिसाइल दागने और रक्षा करने की क्षमता लगभग खत्म हो गई है। लेकिन, बीते 24 घंटों में ईरान की सैन्य कार्रवाई ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया है। ईरान लगातार इजरायल के तेल अवीव से लेकर मध्य-पूर्व के अमेरिकी बेसों को निशाना बना रहा है, और अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईरान के हमले में एक अमेरिकी फाइटर जेट क्रैश हो गया है। इस घटना के बाद अमेरिकी सेना ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया है। अभी तक इस हादसे में शामिल पायलट का पता नहीं चल पाया है, और उसकी तलाश जारी है।
ईरान की इस कार्रवाई ने क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच के इस टकराव ने विश्व स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। दोनों पक्षों की सैन्य स्थिति और प्रतिक्रिया का आकलन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है।
पिछले 24 घंटों में ईरान की सैन्य कार्रवाई ने दिखा दिया है कि उसकी ताकत अभी भी कायम है और वह अमेरिकी ताकत का सामना कर सकती है। वहीं, ट्रंप का दावा झूठा साबित हो रहा है, जबकि ईरान अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। इस संघर्ष का भविष्य क्या होगा, यह समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है और इसे शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की आवश्यकता है।

