लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित 1183 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी। भर्ती प्रक्रिया के लिए 28.86 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए स्ट्रांग रूम में डबल लॉक, डबल गार्ड और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की गई है। भर्ती बोर्ड स्वयं सीसीटीवी की लाइव फीड के माध्यम से लगातार निगरानी करेगा, जबकि गोपनीय सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है।
बैठक में निर्देश दिए गए कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का पूर्व सत्यापन कराया जाए। ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा और बिना सत्यापन किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्य सचिव ने निजी व्यक्तियों की नियुक्ति पर सख्त रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र धारण करना अनिवार्य रहेगा।
अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया को भी बेहद कड़ा बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग और गहन चेकिंग की जाएगी। अभ्यर्थी केवल पेन, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र ही अपने साथ ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन, कैमरा, ब्लूटूथ डिवाइस सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं अधिकांश कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी परीक्षा केंद्र के बाहर ही जमा कराए जाएंगे और जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी रेंडमाइजेशन प्रणाली के तहत लगाई जाएगी। केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे, जबकि राज्य और जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से पूरे परीक्षा संचालन की सतत निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि 6 जून से 10 जून तक सभी परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी ताकि दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि परीक्षा की सफलता पूरी तरह सतर्कता, अनुशासन और पारदर्शिता पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को भर्ती बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों, प्रमुख चौराहों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा यातायात पुलिस की तैनाती की जाएगी, जिससे परीक्षा अवधि के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

