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भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, पहली मालवाहक ईएमयू ने हाई-स्पीड ट्रायल किया सफल

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, पहली मालवाहक ईएमयू ने हाई-स्पीड ट्रायल किया सफल

Brain Remind 3 months ago

Railway Freight EMU Update: भारतीय रेलवे माल परिवहन को नई रफ्तार देने की तैयारी में है। वंदे भारत ट्रेन की तकनीक से प्रेरित देश की पहली हाई-स्पीड फ्रेट ईएमयू (Freight EMU) जल्द ही व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार हो सकती है।

यह आधुनिक मालगाड़ी 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है और इसके सफल ट्रायल पूरे हो चुके हैं। अब अंतिम चरण के परीक्षण किए जा रहे हैं, जिसके बाद इसे रेलवे नेटवर्क पर उतार दिया जाएगा।

Contents

130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी मालगाड़ीकई यात्री ट्रेनों से भी होगी तेजरेलवे का लक्ष्य बढ़ाना है माल परिवहनजानिए इस आधुनिक मालगाड़ी की खासियतनिजी कंपनियां भी किराये पर चला सकेंगी मालगाड़ीमाल परिवहन क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव

130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी मालगाड़ी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह देश की पहली ऐसी मालगाड़ी होगी जो 130 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलेगी। फिलहाल इसका अंतिम परीक्षण, जिसमें आरडीएसओ (RDSO) की निगरानी में ऑसिलेशन ट्रायल शामिल है, जारी है। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद इसकी कमर्शियल सेवा शुरू कर दी जाएगी।

कई यात्री ट्रेनों से भी होगी तेज

नई फ्रेट ईएमयू की गति कई सामान्य यात्री ट्रेनों से अधिक होगी। शुरुआती चरण में इसे दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और अन्य प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर पर चलाने की योजना है। रेलवे का मानना है कि इससे माल परिवहन का समय काफी कम होगा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

रेलवे का लक्ष्य बढ़ाना है माल परिवहन

वर्तमान में देश में कुल माल परिवहन में भारतीय रेलवे की हिस्सेदारी लगभग 27% है। रेलवे मंत्रालय आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 45% तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। हाई-स्पीड फ्रेट ईएमयू जैसी आधुनिक ट्रेनों को इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानिए इस आधुनिक मालगाड़ी की खासियत

  • ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं।
  • अधिकतम 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम।
  • प्रत्येक कोच में रोलर बेड सिस्टम दिया गया है, जिससे माल की लोडिंग और अनलोडिंग तेजी से होगी।
  • बड़े ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए गए हैं।
  • ट्रेन लगभग 397 टन तक माल ढो सकती है।
  • फिलहाल परीक्षण के दौरान सैंडबैग का उपयोग किया जा रहा है।
  • इसका निर्माण रेल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में किया गया है।
  • इसमें रेफ्रिजरेटेड (Reefer) कोच, बेहतर वेंटिलेशन और चिलर सिस्टम होंगे, जिससे फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामान को नियंत्रित तापमान में सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।
  • हर कोच में आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो गति, वजन और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखेंगे।

निजी कंपनियां भी किराये पर चला सकेंगी मालगाड़ी

भारतीय रेलवे अब माल परिवहन के क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। इसी दिशा में कोलकाता की Texmaco, फ्रांस की Tox और अमेरिका की Trinity Rail ने संयुक्त उद्यम (Joint Venture) बनाया है। इस नई व्यवस्था के तहत निजी कंपनियां और कारोबारी अपनी जरूरत के अनुसार पूरी मालगाड़ी किराये पर लेकर देशभर में सामान की ढुलाई कर सकेंगे।

माल परिवहन क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव

रेलवे का मानना है कि हाई-स्पीड फ्रेट ईएमयू के संचालन से माल ढुलाई तेज, सुरक्षित और अधिक किफायती बनेगी। निजी कंपनियों की भागीदारी और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भारत का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मजबूत होगा तथा उद्योगों को समय पर माल पहुंचाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

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