गोरखपुर। बेमौसम हुई बारिश के बाद शहर के प्रमुख विरासत गलियारा क्षेत्र में व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाण्डेय हाता से धर्मशाला तक पैदल भ्रमण कर न केवल जमीनी हालात का जायजा लिया, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने सबसे पहले जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बेड ड्रेन, मुख्य मार्गों और गलियों से जुड़ी नालियों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह क्रियाशील रहें। बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नालों की सफाई, कनेक्टिविटी और ढलान की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गलियों से आने वाली नालियां मुख्य सड़कों की नालियों के अनुरूप स्तर पर होनी चाहिए। ऐसा न हो कि गलियों की नाली नीचे और मुख्य सड़क की नाली ऊंची हो, जिससे जल निकासी बाधित हो। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से संतुलित करते हुए तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि गलियों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए नालों के ऊपर स्लैब (पटिया) बनाकर व्यवस्थित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और व्यापारियों को आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि कुछ स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हैं, जिससे रात के समय आवागमन में दिक्कत होती है। इस पर उन्होंने तत्काल स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के खराब या क्षतिग्रस्त होने पर नाराजगी जताते हुए उन्हें शीघ्र ठीक कराने और नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
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बिजली व्यवस्था को लेकर भी डीएम ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने खुले में लटक रहे बिजली के तारों को दुर्घटना की दृष्टि से बेहद खतरनाक बताते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अंडरग्राउंड कराने के निर्देश दिए। संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

