उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में नकली नोटों (Fake Currency) के गिरोह के खुलासे के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर बीजेपी (BJP) और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
बीजेपी की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद सपा ने भी पलटवार करते हुए मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
बीजेपी का हमला
बीजेपी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी (Pankaj Chowdhary) ने इस मामले में सपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि नकली नोट गिरोह के मुख्य आरोपी का संबंध समाजवादी पार्टी से है। उन्होंने 'लाल टोपी' का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह घटना सपा के चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर करती है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों को राष्ट्रविरोधी करार दिया जो देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं।
'ये अमृतकाल नहीं, सनातनियों का संकटकाल है…बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव
अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए 'काली टोपी' का संदर्भ उठाया, जिसे आरएसएस (RSS) से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'काली टोपी वाले असली नोटों के धुरंधर हैं।' अखिलेश ने दावा किया कि अगर बीजेपी नेताओं को संदेह है, तो वे संबंधित लोगों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाकर सच्चाई सामने ला सकते हैं।

