संसद को कानून बनाने, सरकार की निगरानी करने, वित्तीय नियंत्रण रखने और संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
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- संसद को संघ सूची और अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है तथा आवश्यक स्थिति में समवर्ती विषयों पर राज्यों के कानूनों को निरस्त कर सकती है।
- यह प्रश्नकाल, प्रस्तावों और चर्चाओं के माध्यम से कार्यपालिका पर नियंत्रण रखती है और सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
- संसद कराधान और सरकारी व्यय को स्वीकृति देती है तथा बजट की जांच कर वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने में भूमिका निभाती है।
- संविधान संशोधन का अधिकार संसद के पास है, जो अनुच्छेद 368 के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है और मूल संरचना के अधीन होता है।
- संसद राष्ट्रपति के महाभियोग और न्यायाधीशों सहित संवैधानिक पदाधिकारियों को हटाने जैसे न्यायिक कार्य भी संपन्न करती है।
- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में भागीदारी के साथ-साथ चुनाव संबंधी कानून बनाने का अधिकार भी संसद को प्राप्त है।
- विशेष परिस्थितियों में जैसे आपातकाल या उच्च सदन की अनुमति से संसद राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बना सकती है।
- संसद सर्वोच्च विचार-विमर्श संस्था के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करती है तथा राज्यों की सीमाओं और नामों में बदलाव कर सकती है।

