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लॉर्ड डलहौज़ी के सुधार, विलय सिद्धांत और ब्रिटिश शासन का विस्तार | BulletsIn

लॉर्ड डलहौज़ी के सुधार, विलय सिद्धांत और ब्रिटिश शासन का विस्तार | BulletsIn

Bullets In Hindi 4 months ago

लॉर्ड डलहौज़ी 1848 से 1856 तक भारत के गवर्नर-जनरल रहे और उन्होंने प्रशासन, शिक्षा, सेना तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए।

  • लॉर्ड डलहौज़ी का जन्म 1812 में स्कॉटलैंड में हुआ था।
  • 1848 में भारत के गवर्नर-जनरल बने और व्यापक सुधारों के कारण उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है।
  • उन्होंने 1854 के वुड्स डिस्पैच को लागू किया, जिसने भारत में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की नींव रखी तथा बम्बई, कलकत्ता और मद्रास विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहन दिया।
  • प्रशासनिक सुधारों के अंतर्गत उपराज्यपालों और आयुक्तों की नियुक्ति की गई, जिससे प्रांतों और नव-अधिग्रहित क्षेत्रों के प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया।
  • आधारभूत संरचना के क्षेत्र में 1853 में बम्बई और ठाणे के बीच भारत की पहली रेल सेवा प्रारम्भ की गई, जिससे परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिली।
  • उन्होंने तार विभाग की स्थापना की, डाक व्यवस्था का विस्तार किया तथा लोक निर्माण विभाग का गठन कर सड़कों, नहरों और पुलों के निर्माण को बढ़ावा दिया।
  • सैन्य सुधारों के तहत ब्रिटिश सेना को मजबूत किया गया, नई रेजिमेंटें गठित की गईं तथा गोरखा सैनिकों को सेना में शामिल किया गया।
  • विलय सिद्धांत के अनुसार जिन रियासतों का कोई प्राकृतिक पुरुष उत्तराधिकारी नहीं होता था, उन्हें ब्रिटिश शासन में मिला लिया जाता था; सतारा, झाँसी और नागपुर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
  • उनके शासनकाल में द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध, द्वितीय आंग्ल-बर्मी युद्ध तथा 1856 में अवध का विलय जैसी महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं।
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