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हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक पर अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम हुआ शुरू, यानी रीसेल की चिंता खत्म

हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक पर अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम हुआ शुरू, यानी रीसेल की चिंता खत्म

CAR DEKHO 1 week ago

हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी क्रेटा इलेक्ट्रिक के लिए एक अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम की घोषणा की है, जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक-रीसेल वैल्यू-को सीधे संबोधित करता है।

यहां ब्रांड ने इस नई पेशकश और इसके फायदों के बारे में क्या कहा है।

  • क्रेटा इलेक्ट्रिक पर 3 साल या 45,000 किलोमीटर के भीतर 60% एक्स-शोरूम कीमत की बायबैक गारंटी।

  • बैटरी-एज़-अ-सर्विस (बीएएएस) ऑप्शन के साथ शुरुआती कीमत घटकर 10.99 लाख हुई।

  • कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 600 डीसी फास्ट चार्जर लगाना है।

  • बीएएएस मॉडल में बैटरी की ईएमआई लगभग 3.9 प्रति किलोमीटर से शुरू होती है।

  • हुंडई के अनुसार, यह प्रोग्राम ईवी ग्राहकों की रीसेल वैल्यू से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता को दूर करने के लिए है।

    भारत में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर खरीदारों के मन में रेंज की चिंता के अलावा सबसे बड़ा सवाल रीसेल वैल्यू का रहा है। इसी अनिश्चितता को खत्म करने के लिए हुंडई ने क्रेटा इलेक्ट्रिक पर 'अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम' शुरू किया है। इस प्रोग्राम के तहत, कंपनी वादा करती है कि वह 3 साल के भीतर या 45,000 किलोमीटर (जो भी पहले हो) चलने पर कार को उसकी मूल एक्स-शोरूम कीमत के 60% पर वापस खरीदेगी। यह कोई नया लॉन्च नहीं है, बल्कि मौजूदा मॉडल पर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने की एक कोशिश है। यह गारंटी उन खरीदारों को आकर्षित कर सकती है जो कुछ साल बाद अपनी ईवी को अपग्रेड करने की योजना बनाते हैं लेकिन यूज्ड ईवी मार्केट में उसकी कीमत को लेकर चिंतित रहते हैं।

    कंपनी का कहना है कि बीएएएस मॉडल एकमुश्त भुगतान की बजाय "पे-ऐज़-यू-मूव" का विकल्प देता है।

    हुंडई ने क्रेटा इलेक्ट्रिक के लिए एक और आकर्षक विकल्प पेश किया है, जिसे (बीएएएस) कहा जाता है। इस मॉडल के तहत, ग्राहक बिना बैटरी के कार खरीद सकते हैं, जिससे इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत घटकर मात्र 10.99 लाख रह जाती है। बैटरी की लागत का भुगतान इस्तेमाल के आधार पर किया जाता है। 42केडब्ल्यूएच बैटरी पैक के लिए, यह लागत लगभग 3.9 प्रति किलोमीटर से शुरू होती है। यह आंकड़ा 90% बैटरी फाइनेंसिंग, 8.75% की ब्याज दर और 8 साल की अवधि पर आधारित है। यह उन शहरी खरीदारों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जो कम अपफ्रंट कॉस्ट चाहते हैं और जिनकी रोज़ की रनिंग सीमित है।

    हुंडई ने 2030 तक अपने फास्ट चार्जिंग नेटवर्क को 600 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

    ईवी ओनरशिप का एक अहम पहलू चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है, और हुंडई इस पर भी लगातार काम कर रही है। वर्तमान में, कंपनी के 105 शहरों में 183 डीसी फास्ट चार्जर हैं। इसके अलावा, माय हुंडई ऐप के जरिए यूजर्स देशभर में 30,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। भविष्य की योजनाओं के तहत, कंपनी ने 2030 तक अपने फास्ट चार्जर की संख्या को 600 तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह विस्तार लंबी दूरी की यात्रा को और भी आसान बना देगा और संभावित खरीदारों के मन से रेंज की चिंता को कम करने में मदद करेगा।

    क्रेटा इलेक्ट्रिक के मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दो बैटरी पैक ऑप्शन में उपलब्ध है। दोनों ही वेरिएंट्स में वी2एल (व्हीकल 2 लोड) रिवर्स चार्जिंग, डिजिटल की और लेवल 2 एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स) जैसे मॉडर्न फीचर्स मिलते हैं। हुंडई के अपने टेस्ट के अनुसार, यह कार सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।

    स्पेसिफिकेशन

    स्टैंडर्ड रेंज

    लॉन्ग रेंज

    बैटरी कैपेसिटी

    42 केडब्ल्यूएच

    51.4 केडब्ल्यूएच

    क्लेम्ड रेंज (एमआईडीसी)

    420 किमी

    510 किमी

    पावर

    135 पीएस

    171 पीएस

    टॉर्क

    200 एनएम

    200 एनएम

    डीसी फास्ट चार्जिंग (10-80%)

    39 मिनट

    39 मिनट

    हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक की स्टैंडर्ड एक्स-शोरूम कीमत 18.03 लाख रुपये से शुरू होकर 23.67 लाख रुपये तक जाती है। हालांकि, बीएएएस ऑप्शन के साथ इसकी एंट्री-लेवल कीमत 10.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो जाती है, जिसमें बैटरी की प्रति किलोमीटर लागत अलग से चुकानी होती है। हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक कार का मुकाबला एमजी विंडसर ईवी, मारुति ई विटारा, टोयोटा इबेला, टाटा सिएरा ईवी, टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी, महिंद्रा बीई 6, विनफास्ट वीएफ6 और वीएफ7 जैसी कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी से है।हुंडई की नई बायबैक गारंटी और बीएएएस मॉडल के बाद अब इस सेगमेंट में फैसला सिर्फ स्पेसिफिकेशन्स पर नहीं, बल्कि ओनरशिप की शर्तों पर भी निर्भर करेगा।

    भारत में ईवी अपनाने की राह में सिर्फ रेंज की चिंता ही बाधा नहीं थी। असली सवाल यह था कि 3-4 साल बाद जब बैटरी की लाइफ कुछ कम हो जाएगी, तब यूज्ड कार मार्केट में इसकी क्या कीमत मिलेगी। हुंडई का अश्योर्ड बायबैक प्रोग्राम इसी अनिश्चितता को खत्म करने की एक ठोस कोशिश है। यह प्रोग्राम, बीएएएस मॉडल के साथ मिलकर, ओनरशिप के दोनों सिरों को सुरक्षित करता है-खरीदते समय कम लागत और बेचते समय एक तयशुदा कीमत।

    इस नई पेशकश से दो तरह के खरीदारों को सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। पहले, वे शहरी ग्राहक जो कम अपफ्रंट कॉस्ट चाहते हैं और जिनकी रोज़ की ड्राइविंग सीमित है; उनके लिए 42केडब्ल्यूएच मॉडल बीएएएस के साथ एक वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प बन जाता है। दूसरे, वे परिवार जो अपनी रोज़मर्रा की और हाईवे की ज़रूरतों के लिए एक ही कार चाहते हैं; उनके लिए 51.4केडब्ल्यूएच लॉन्ग रेंज मॉडल को सीधे खरीदना बेहतर है, जहां 510 किमी की रेंज और बायबैक की सुरक्षा दोनों मिलती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पहल इंडस्ट्री का नया नॉर्म बनती है या सिर्फ हुंडई की एक खासियत बनकर रह जाती है। लेकिन अगर रीसेल की गारंटी वाकई उन खरीदारों को ईवी की तरफ खींच लाती है जो अब तक फैसला नहीं कर पा रहे थे, तो बाकी कंपनियां भी जल्द ही ऐसे प्रोग्राम्स लाने पर मजबूर हो सकती हैं।

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    Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Car Dekho Hindi