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CGPSC भर्ती घोटाले में ED की एंट्री, पूर्व चेयरमैन

CGPSC भर्ती घोटाले में ED की एंट्री, पूर्व चेयरमैन

CG Top36 6 hrs ago

रायपुर। CG NEWS: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को ईडी ने कथित पेपर लीक और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी के बाद सोनवानी को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां ईडी ने पूछताछ के लिए एक सप्ताह की रिमांड मांगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने ईडी की अर्जी स्वीकार करते हुए सोनवानी को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया।

अब तक इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही थी। ईडी की एंट्री के बाद भर्ती घोटाले से जुड़े कथित अवैध वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच तेज होने की संभावना है।

ईडी की जांच का फोकस CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर हुए पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर रहने की संभावना है। सात दिनों की रिमांड के दौरान जांच एजेंसी सोनवानी से इन सभी पहलुओं को लेकर पूछताछ कर सकती है।

माना जा रहा है कि ईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि भर्ती प्रक्रिया को कथित तौर पर प्रभावित करने के बदले किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। यदि हुआ तो पैसा कहां से आया, किसके पास पहुंचा और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

CGPSC भर्ती घोटाले में टामन सिंह सोनवानी को इससे पहले CBI गिरफ्तार कर चुकी है। उनके साथ बजरंग पावर एंड स्टील लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।

आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों तथा करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित कराने के लिए भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।

अब ईडी इसी प्रकरण में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

CBI की जांच में CGPSC भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र अपने घर पर साहिल, नीतेश, नीतेश की पत्नी निशा कोसले और दीपा आडिल को उपलब्ध कराए थे।

CBI के आरोपों के अनुसार, इसके बाद तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर ने कथित रूप से लीक हुआ प्रश्नपत्र बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल तक पहुंचाया। आरोप है कि श्रवण गोयल के बेटे शशांक और बहू भूमिका ने इसी प्रश्नपत्र के आधार पर परीक्षा की तैयारी की और बाद में दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ।

इन आरोपों को लेकर CBI ने जांच के दौरान कई ठिकानों पर छापेमारी भी की और दस्तावेज तथा अन्य साक्ष्य जुटाए।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2021 में कुल 171 पदों के लिए राज्य सेवा भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे।

इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 509 अभ्यर्थी सफल हुए और उन्हें आगे की चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया गया। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।

चयन सूची सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगाए गए कि परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक, प्रशासनिक और अन्य प्रभावशाली लोगों से जुड़े उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया।

CGPSC भर्ती विवाद में सबसे गंभीर आरोप डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य राजपत्रित पदों पर हुए चयन को लेकर लगे। आरोप लगाया गया कि योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी करते हुए रसूखदार लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को फायदा पहुंचाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच CBI को सौंप दी थी। इसके बाद CBI ने कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए तथा मामले में गिरफ्तारियां भी कीं।

अब ईडी की एंट्री के बाद CGPSC भर्ती घोटाले में कथित आर्थिक लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खंगाली जाएंगी। सोनवानी से सात दिनों की पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी इस मामले की आगे की जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: CG Top36