चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत काठापाली गांव के प्राथमिक विद्यालय में अंधविश्वास से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल की शिक्षिका गीता कुम्भकार पर आरोप है कि सोने की बाली गुम होने के बाद उन्होंने उसका पता लगाने के लिए मासूम स्कूली बच्चों के साथ कथित तौर पर टोटका और अंधविश्वास का सहारा लिया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षिका को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका की सोने की बाली स्कूल परिसर में कहीं गुम हो गई थी। बाली नहीं मिलने पर उन्होंने सामान्य तरीके से खोजबीन करने के बजाय बच्चों को एकत्र कर कथित रूप से अंधविश्वास और टोटके के जरिए बाली का पता लगाने का प्रयास किया। घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
मामले की शिकायत शिक्षा विभाग तक पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इसकी जांच कराई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षिका गीता कुम्भकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय नियमानुसार निर्धारित किया गया है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल बच्चों को वैज्ञानिक सोच और तर्कसंगत शिक्षा देने का स्थान है। ऐसे में किसी भी शिक्षक द्वारा अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली गतिविधि स्वीकार्य नहीं है। यदि विभागीय जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विद्यालय में बच्चों को अंधविश्वास से दूर रहने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की शिक्षा दी जानी चाहिए। ऐसे मामलों से शिक्षा व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है।
फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की विभागीय जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

