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मोबाइल रोक रहा है बच्चों का विकास! स्क्रीन की लत से बच्चों की नींद, भाषा और व्यवहार पर पड़ रहा असर

मोबाइल रोक रहा है बच्चों का विकास! स्क्रीन की लत से बच्चों की नींद, भाषा और व्यवहार पर पड़ रहा असर

CG Top36 3 days ago

ई दिल्ली। स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन यही मोबाइल छोटे बच्चों और शिशुओं के विकास में बड़ी बाधा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बार-बार मोबाइल स्क्रीन दिखाने या उन्हें शांत कराने के लिए फोन का इस्तेमाल करने से उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के शुरुआती दो वर्ष मस्तिष्क के सबसे तेज विकास का समय होते हैं। इस दौरान उन्हें माता-पिता का स्पर्श, बातचीत, आंखों का संपर्क और आसपास का वास्तविक वातावरण सबसे अधिक सीखने का अवसर देता है। यदि इस समय मोबाइल स्क्रीन अधिक दिखाई जाती है, तो यह प्राकृतिक विकास प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी (ब्लू लाइट) मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को प्रभावित करती है, जिससे बच्चे की नींद खराब हो सकती है। पर्याप्त और अच्छी नींद न मिलने से मस्तिष्क के विकास, याददाश्त और सीखने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब बच्चा मोबाइल स्क्रीन देखता है, तो वह आसपास के लोगों से कम संवाद करता है। इससे बोलना सीखने, शब्दों को समझने और सामाजिक व्यवहार विकसित करने में देरी हो सकती है। माता-पिता और परिवार के साथ प्रत्यक्ष बातचीत ही बच्चों की भाषा और भावनात्मक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है।

अक्सर माता-पिता बच्चे को चुप कराने या खाना खिलाने के लिए मोबाइल दे देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चा धीरे-धीरे स्क्रीन पर निर्भर होने लगता है। बाद में मोबाइल हटाने पर चिड़चिड़ापन, गुस्सा और बार-बार स्क्रीन की मांग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि दूर रहने वाले रिश्तेदारों से वीडियो कॉल करना उपयोगी हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रखना उचित नहीं है। वीडियो कॉल के दौरान भी माता-पिता की मौजूदगी और बातचीत जरूरी है, ताकि बच्चा वास्तविक संवाद का अनुभव कर सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी है, लेकिन शिशुओं के शुरुआती विकास के दौरान वास्तविक मानवीय संपर्क, खेल और संवाद का कोई विकल्प नहीं है। बच्चे के स्वस्थ मानसिक और शारीरिक विकास के लिए स्क्रीन से अधिक समय परिवार के साथ बिताना सबसे बेहतर उपाय माना जाता है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: CG Top36