Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Tj Vision Media 6 months ago
भारत–जापान सम्मेलन ने वैश्विक शिक्षा और एआई आधारित सहयोग को दी नई दिशा

बेंगलुरु, 11 दिसंबर 2025:
ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (JGU) ने भारत–जापान उच्च शिक्षा सम्मेलन 2025 के तहत टोक्यो विश्वविद्यालय (UTokyo) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की। सम्मेलन का विषय था— “भारत और जापान में वैश्विक शिक्षा का भविष्य: ज्ञान और नवाचार का आदान-प्रदान; एआई और नौकरियों का भविष्य।”

कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. एम. सी. सुधाकर ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भारत में उच्च शिक्षा सुधारों की तेज़ रफ़्तार और जापान के साथ शैक्षणिक साझेदारी के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। एजुकेशन वर्ल्ड के संपादक श्री दिलीप ठाकोर ने मुख्य अतिथि का संबोधन दिया, जबकि पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री के. जयराज, आईएएस (सेवानिवृत्त) ने प्रारंभिक टिप्पणियाँ प्रस्तुत कीं।
रैंडस्टैड इंडिया के एमडी एवं सीईओ श्री विश्वनाथ पी. एस. ने मुख्य वक्तव्य दिया।

UTokyo का प्रतिनिधिमंडल, प्रोफेसर (डॉ.) काओरी हयाशी और प्रोफेसर (डॉ.) सत्सुकी शियोयामा के नेतृत्व में, संयुक्त अनुसंधान, छात्र गतिशीलता और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करता रहा। JGU के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने बताया कि JGU टोक्यो विश्वविद्यालय के साथ छात्र विनिमय कार्यक्रम और अल्पकालिक अध्ययन abroad कार्यक्रम चलाने वाला भारत का पहला विश्वविद्यालय है।
यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और जापान की वैश्विक सहभागिता रणनीति के अनुरूप है।

प्रोफेसर हयाशी ने कहा कि जापान भारतीय छात्रों का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। वर्तमान में UTokyo में लगभग 80 भारतीय ही अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने जापान के सुरक्षित वातावरण, विदेशी और स्थानीय छात्रों के लिए समान शुल्क संरचना और अंग्रेज़ी माध्यम के बढ़ते पाठ्यक्रमों पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन के दौरान एक नया अल्पकालिक अध्ययन कार्यक्रम भी शुरू किया गया, जिसके तहत हर वर्ष 40 JGU छात्र तीन सप्ताह के लिए UTokyo में शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करेंगे।


पूरे दौरे में द्वैध डिग्री कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, हाइब्रिड शिक्षण, संयुक्त पाठ्यक्रम और सहयोगी अनुसंधान जैसे विषयों पर विस्तृत बातचीत हुई। सम्मेलन का समापन भारत–जापान के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी और भविष्य-उन्मुख नवाचार ढांचा तैयार करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has been published by the user directly on Dailyhunt, an intermediary platform. Dailyhunt has neither reviewed nor has knowledge of such content. Publisher: Tj Vision Media