साओ पाउलो : एग्रीबिजनेस कंपनी बंज ग्लोबल एसए (Bunge Global SA) ने ब्राजील में अपनी दो गन्ना मिलों-रियो वर्मेल्हो और नोवा यूनियाल्को-को कॉफ़को (COFCO) इंटरनेशनल को बेचने पर सहमति जताई है।
Securities.io की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने चीनी और बायोएनर्जी परिसंपत्तियों को सुव्यवस्थित करने की रणनीति के तहत यह कदम उठा रही है। बंज ने 1 सितंबर 2026 को इस सौदे की घोषणा की। हालांकि, सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
साओ पाउलो में स्थित हैं दोनों चीनी मिलें
दोनों मिलें ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के जुन्केइरोपोलिस और गुआरारापेस में स्थित हैं। यह सौदा नियामकीय मंजूरी समेत सामान्य समापन शर्तों के अधीन है। इन दोनों मिलों का पहले स्वामित्व विटेरा लिमिटेड के पास था। जुलाई 2025 में बंज और विटेरा के विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये परिसंपत्तियां बंज के कारोबार का हिस्सा बन गई थीं। बंज के मुख्य परिचालन अधिकारी जूलियो गैरोस ने कहा कि, कंपनी अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है और कारोबार को दीर्घकालिक विकास के लिए तैयार कर रही है। उनके अनुसार, यह लेनदेन इसी दिशा में सही कदम है।
कॉफ़को ब्राजील में बढ़ाएगी चीनी कारोबार
इस अधिग्रहण से कॉफ़को इंटरनेशनल के ब्राजील में मौजूदा परिचालन में दो और गन्ना मिलें जुड़ जाएंगी। कंपनी वर्तमान में ब्राजील में चार चीनी मिलों का संचालन करती है और करीब 1,89,000 हेक्टेयर के बागान एवं कृषि क्षेत्र का प्रबंधन करती है। इसका अधिकांश परिचालन साओ पाउलो राज्य में है। कॉफ़को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए चीनी और एथेनॉल का उत्पादन करती है। कंपनी वोतुपोरांगा में चीनी के ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल का भी संचालन करती है। इसके अलावा, कॉफ़को ब्राजील, भारत, अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया समेत विभिन्न प्रमुख बाजारों में स्थित कार्यालयों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर चीनी का कारोबार करती है।
बंज का चीनी परिसंपत्तियों से बाहर निकलना जारी
यह सौदा बंज के ब्राजील के चीनी और बायोएनर्जी कारोबार से पहले किए गए एक अन्य बड़े विनिवेश के बाद हुआ है। जून 2024 में बंज ने बीपी बंज बायोएनर्जी में अपनी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बीपी को बेचने पर सहमति जताई थी। इस सौदे से बंज को लगभग 80 करोड़ डॉलर की शुद्ध राशि प्राप्त हुई थी। 2019 में स्थापित इस संयुक्त उपक्रम का ब्राजील में 11 चीनी मिलों का संचालन था।
उस समय बंज ने कहा था कि, यह कारोबार उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा नहीं है। कंपनी के अनुसार, इस बिक्री से वह अपने मुख्य कारोबारों में निवेश पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने में सक्षम होगी। हालिया सौदा हालांकि इससे अलग है, क्योंकि रियो वर्मेल्हो और नोवा यूनियाल्को मिलें बंज के ऐतिहासिक ब्राजीलियाई चीनी कारोबार का हिस्सा नहीं थीं। ये मिलें बंज और विटेरा के विलय के बाद बंज के पोर्टफोलियो में शामिल हुई थीं।बंज ने अभी तक इस बिक्री के पूरा होने की संभावित तारीख का खुलासा नहीं किया है।

