बक्सर: जिले में शुगर मिल की स्थापना को लेकर मांग एक बार फिर तेज हो गई है।भाजपा नेता कमलेश सिंह जल्द ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री से मिलकर बक्सर जिले में जल्द से जल्द शुगर मिल स्थापित कराने की मांग रखी जाएगी।
कमलेश सिंह ने बताया कि, वर्षों पहले बक्सर जिले में चीनी की दो बड़ी इकाइयां संचालित होती थीं। इन मिलों के चलते जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती थी और किसानों की आमदनी का मजबूत स्रोत था। लेकिन समय के साथ दोनों शुगर मिल बंद हो गईं, जिससे गन्ना उत्पादन पर भी बड़ा असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि, सरकार की अनदेखी के कारण मिलें बंद होने के बाद किसानों ने धीरे-धीरे गन्ने की खेती से दूरी बना ली। अब जिले के कुछ ही क्षेत्रों में सीमित मात्रा में गन्ने की खेती हो रही है, जिससे किसानों की आय भी प्रभावित हुई है।कमलेश सिंह के अनुसार डुमरांव अनुमंडल के नंदन, लाखडिहरा, अरियांव, अमसारी समेत नावानगर, केसठ और चौगाई क्षेत्रों में पहले बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती थी। यहां के किसान नावानगर स्थित शुगर मिल में अपना गन्ना बेचते थे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहती थी। उन्होंने कहा कि. सदर अनुमंडल में भी कभी बड़े स्तर पर गन्ना उत्पादन होता था। किसान बैलगाड़ियों से गन्ना लेकर शहर की चीनी मिल पहुंचते थे। यदि जिले में फिर से शुगर मिल स्थापित होती है तो किसान एक बार फिर गन्ने की खेती की ओर लौटेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

