बेतिया: बिहार के गन्ना उत्पादक इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है। गन्ने की फसल पर अब फॉल आर्मी वॉर्म, जिसे आम भाषा में 'अमेरिकन सुंडी' कहा जाता है, का खतरा मंडराने लगा है।
मक्का के बाद अब यह कीट गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह कीट बेहद खतरनाक है और 80 से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। यदि समय रहते इसकी रोकथाम नहीं की गई, तो गन्ना किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नरकटियागंज चीनी मिल ने किसानों को सतर्क करते हुए विशेषज्ञों की टीम खेतों में भेजी है। टीम किसानों को कीट की पहचान, रोकथाम और बचाव के उपायों की जानकारी दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि, कई किसान इसे सामान्य इल्ली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह बहुत तेजी से फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके हमले से पौधों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होती है, टिलरिंग कम हो जाती है और प्रकाश संश्लेषण की क्षमता भी घटती है। इसका असर गन्ने की मोटाई, वजन, उत्पादन और चीनी रिकवरी पर पड़ सकता है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (IPM) अपनाने की सलाह दी है। इसके तहत किसानों को सप्ताह में कम से कम दो बार खेतों का निरीक्षण करना चाहिए। नई पत्तियों और पौधों के बीच वाले हिस्से की नियमित जांच जरूरी बताई गई है। इसके अलावा खेतों में खरपतवार साफ रखने, संक्रमित पौधों को तुरंत हटाने और प्रति एकड़ 5 से 8 फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह दी गई है। जैविक नियंत्रण उपाय भी इस कीट की रोकथाम में कारगर माने जा रहे हैं।विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि, फसल की नियमित निगरानी करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत कृषि विभाग या विशेषज्ञों से संपर्क करें। समय पर उठाया गया कदम ही फसल को बड़े नुकसान से बचा सकता है।

