रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों के 267 गांवों में गन्ना किसानों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।
इस पहल के तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत कम की जा सके।यह अभियान मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य गन्ना खेती में उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देकर किसानों को अधिक लाभकारी खेती के लिए तैयार करना है।
जिला कलेक्टर रेना जमील के निर्देश पर चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में आने वाले विभिन्न गांवों में प्रशिक्षण शिविर और किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत तीनों जिलों के 267 गांवों के गन्ना उत्पादकों को नवीनतम कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ किसानों को उन्नत गन्ना किस्मों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण, वैज्ञानिक सिंचाई तकनीक, कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसका उद्देश्य गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की लागत कम करना और उनकी आमदनी में वृद्धि करना है।
अब तक परसावर, मायापुर-1, बैकोना, पोड़िया, बागरा, मायापुर-2, सुंदरगंज, डुप्पी, रेवतपुर, कुंडीकला, अखोराखुर्द, टुकुडांड, पोपरंगा, महोरा, धर्मपुर और रुखपुर सहित कई गांवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जा चुका है, जहां किसानों ने आधुनिक गन्ना खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को गन्ने के खेतों का भ्रमण भी कराया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। खेतों में उन्हें उचित कतार दूरी बनाए रखने, अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों के चयन, कीट एवं रोगों की पहचान तथा प्रभावी फसल प्रबंधन के तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे गन्ना उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके।

