गोरखपुर (उत्तर प्रदेश): आगामी पेराई सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए गन्ना विभाग ने किसानों को महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि, सभी गन्ना किसान 30 अगस्त 2026 तक अपने सर्वे, सट्टा, क्षेत्रफल और अन्य अभिलेखों की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार, बुधवार को जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) पी.एन. सिंह ने सरदारनगर क्षेत्र के शत्रुघ्नपुर और डुमरीखुर्द गांवों का दौरा कर गन्ना सर्वे एवं सट्टा प्रदर्शन कार्य का निरीक्षण किया।उन्होंने किसानों से कहा कि रिकॉर्ड में यदि कोई भी त्रुटि है, तो उसे प्रदर्शन अवधि के दौरान ही ठीक करा लें।
20 जुलाई से 30 अगस्त तक चल रहा है सर्वे प्रदर्शन
डीसीओ ने बताया कि 20 जुलाई से 30 अगस्त तक गन्ना विभाग और पिपराइच चीनी मिल के कर्मचारी प्रत्येक गन्ना ग्राम में पहुंचकर किसानों को उनके सर्वे और सट्टा संबंधी अभिलेख उपलब्ध करा रहे हैं। इस अवधि में किसान अपने रिकॉर्ड की जांच कर किसी भी गलती की सूचना संबंधित कर्मचारी को दे सकते हैं।
63 कॉलम वाले रिकॉर्ड का करें बारीकी से मिलान
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने रिकॉर्ड में दर्ज 63 प्रकार की जानकारियों का सावधानीपूर्वक मिलान करें। इनमें गन्ना सर्वे, सट्टा, क्षेत्रफल, गाटावार विवरण, कृषि योग्य भूमि, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, बैंक खाता विवरण सहित अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं शामिल हैं। डीसीओ ने कहा कि किसी भी छोटी या बड़ी विसंगति को नजरअंदाज न करें और समय रहते उसका सुधार कराएं।
30 अगस्त के बाद कोई संशोधन नहीं !
पी.एन. सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान को रिकॉर्ड में त्रुटि दिखाई देती है, तो वह प्रदर्शन अवधि के भीतर संबंधित कर्मचारी को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर संशोधन करवा सकता है। लेकिन 30 अगस्त के बाद विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरना अनिवार्य
जिला गन्ना अधिकारी ने उन किसानों को भी सचेत किया है जिन्होंने अभी तक caneup.in वेबसाइट या ई-गन्ना ऐप के माध्यम से ऑनलाइन घोषणा-पत्र नहीं भरा है।उन्होंने कहा कि सभी किसान इसे जल्द से जल्द पूरा करें, क्योंकि घोषणा-पत्र न भरने वाले किसानों का पेराई सत्र 2026-27 का सट्टा विभागीय नियमों के अनुसार संचालित नहीं किया जा सकेगा।
30 सितंबर तक ले सकते हैं समिति की सदस्यता
नए गन्ना किसान 30 सितंबर 2026 तक गन्ना समिति की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक से आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कराकर समिति कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। रसीद मिलने के बाद सदस्यता की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वैज्ञानिक खेती और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
निरीक्षण के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।साथ ही गन्ने की वैज्ञानिक खेती, समयबद्ध आपूर्ति, शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान और शरदकालीन बुवाई के लिए इंडेंट देने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसान समय पर अभिलेखों का सत्यापन कर विभागीय प्रक्रियाओं का पालन करेंगे, तो उन्हें आगामी पेराई सत्र में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

