मैसूर : सूखे के कारण गन्ने की खेती बुरी तरह प्रभावित होने के बीच राज्य गन्ना उत्पादक संघ ने मैसूर जिला प्रशासन से नए पेराई सत्र की शुरुआत से पहले किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।किसानों का कहना है कि कम बारिश, घटते उत्पादन और बढ़ती लागत के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
मंगलवार को संघ के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त उपायुक्त ऐश्वर्या को जिला उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
2026-27 पेराई सत्र के लिए जल्द घोषित हो गन्ने का खरीद मूल्य…
राज्य गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष कुरुबुर शांताकुमार ने सरकार से मांग की कि 2026-27 पेराई सत्र के लिए गन्ने का खरीद मूल्य जल्द घोषित किया जाए। साथ ही, किसानों को उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) भी दी जाए। उन्होंने कहा कि, सूखे के कारण उत्पादन घटा है और खेती की लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में केवल एफआरपी किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
कटाई और परिवहन शुल्क पहले से तय करने की मांग…
संघ ने मांग की कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही गन्ने की कटाई और परिवहन शुल्क तय कर दिए जाएं, ताकि किसानों को किसी तरह की अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। किसान संगठन ने पिछले पेराई सत्र का पूरा बकाया भुगतान जल्द जारी करने की मांग भी उठाई। इसमें सरकार द्वारा घोषित प्रति टन 50 रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान भी शामिल है।
उप-उत्पादों से होने वाले मुनाफे में किसानों को मिले हिस्सा…
संघ ने मांग की कि चीनी मिलें गन्ने से बनने वाले उप-उत्पादों, जैसे बैगास और शीरा (मोलासेस) से होने वाली आय का पारदर्शी हिसाब दें और उससे होने वाले अतिरिक्त लाभ में किसानों को भी उचित हिस्सा दिया जाए। गन्ना उत्पादक संघ ने आरोप लगाया कि कई चीनी मिलें सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं। संगठन ने जिला प्रशासन से अधिकारियों, चीनी मिल प्रबंधन और किसानों की संयुक्त बैठक बुलाकर सभी लंबित मुद्दों का समाधान कराने की मांग की है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी…
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, संगठन ने बन्नारी शुगर फैक्ट्री के दोबारा संचालन से पहले उससे जुड़े सभी लंबित मामलों का निपटारा करने की भी मांग की है।

