Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
फिजी: गन्ना लीज नवीनीकरण की समस्याओं से निपटने के लिए टास्कफोर्स का गठन

फिजी: गन्ना लीज नवीनीकरण की समस्याओं से निपटने के लिए टास्कफोर्स का गठन

ChiniMandi Hindi 2 weeks ago

सुवा: 2030 के बाद भी गन्ना उद्योग के दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करने और लीज (पट्टा) नवीनीकरण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय टास्कफोर्स का गठन किया गया है। चीनी उद्योग मंत्री तोमासी तुनाबुना ने बताया कि, इस बहु-एजेंसी निकाय में वित्त, कृषि, भूमि और रणनीतिक योजना मंत्रालयों के साथ साथ आईताउकेई लैंड ट्रस्ट बोर्ड जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं।

टास्कफोर्स को लीज नवीनीकरण प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को पहचानने और सुलझाने तथा कृषि भूमि उपयोग के लिए टिकाऊ और दीर्घकालिक समाधान विकसित करने का दायित्व सौंपा गया है। तुनाबुना ने कहा कि, भूमि सुरक्षा चीनी क्षेत्र के लिए एक बेहद अहम मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि, इसका लक्ष्य दोहरा है, पहला यह कि किरायेदारों के लिए भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दूसरा यह कि भूमि मालिकों की वाजिब आर्थिक और पारंपरिक चिंताओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि, उद्योग की चुनौतियों के बारे में ईमानदार होना जरूरी है और उत्पादन का स्थिर स्तर बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि भूमि का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग हो।

तुनाबुना ने बताया कि, फिलहाल 2,300 से अधिक गन्ना लीज समीक्षाधीन हैं, जिनमें से आधे से कुछ अधिक का नवीनीकरण पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि चीनी उत्पादक क्षेत्रों में कुल 2,362 पट्टों पर काम चल रहा है और यह जानकर खुशी है कि प्रयास रंग लाने लगे हैं। इनमें से 56 प्रतिशत यानी 1,128 व्यक्तिगत जोतों का नवीनीकरण हो चुका है। दक्षिण पश्चिम में खासतौर पर सिगाटोका क्षेत्र में 89 प्रतिशत पट्टों का नवीनीकरण हो गया है और उत्तरी प्रभाग में 70 प्रतिशत नवीनीकरण पूरे हो चुके हैं।

विपक्ष के नेता इनिया सेरुइराटु ने भूमि मालिकों द्वारा सद्भावना भुगतान की नई माँगों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, कुछ किसान इस बात से चिंतित हैं कि इससे उनके भविष्य और भूमि मालिकों के साथ उनके संबंधों पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि, जितने पट्टों का नवीनीकरण हुआ है वह सराहनीय है, लेकिन एक समस्या है कि भूमि मालिक अब सद्भावना भुगतान की माँग कर रहे हैं। कई किसान इस बारे में खुलकर बात करने से हिचकिचाते हैं क्योंकि वे अपने भविष्य और रिश्तों को लेकर फिक्रमंद हैं, लेकिन यह एक गंभीर चिंता का विषय है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: ChiniMandi Hindi