सांगली (महाराष्ट्र): शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना से कृषि और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताते हुए किसान नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि, कोल्हापुर और सतारा जिलों के कृष्णा घाटी क्षेत्र की खेती पर इसका सीधा असर पड़ेगा, जिससे करीब 20 लाख टन गन्ना उत्पादन में कमी आ सकती है।
वे पलूस-कडेगांव शक्तिपीठ विरोधी संघर्ष समिति द्वारा घोगांव (ता. पलूस) में आयोजित सर्वदलीय किसान एल्गार सभा में बोल रहे थे। इस अवसर पर सांसद विशाल पाटिल, विधायक रोहित पवार, विधायक जयंत पाटिल, विधायक डॉ. विश्वजीत कदम, महेंद्र लाड, किरण लाड और एडवोकेट दीपक लाड सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
शेट्टी ने कहा कि, इस महामार्ग से प्राकृतिक जल प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो सकती है और वारणा नदी सहित अन्य सहायक नदियों के प्रवाह पर भी असर पड़ने की आशंका है। वर्षा का पानी सही तरीके से बहने के बजाय जमा हो सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति बन सकती है और खेती को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि, यदि स्थानीय लोग एकजुट होकर ठोस रुख अपनाएं, तो किसी भी परियोजना को रोका जा सकता है। पलूस, खानापुर और आटपाडी तालुकों के किसानों से एकजुट होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल कुछ गांवों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य का है।

