नई दिल्ली : त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹1,950.14 करोड़ का समेकित परिचालन राजस्व (Consolidated Revenue from Operations) दर्ज किया है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने 29 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में पहली तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।साथ ही उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तरुण साहनी के पारिश्रमिक में संशोधन, एक नए पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) की नियुक्ति और सहयोगी कंपनी में हिस्सेदारी से जुड़े बदलावों को भी मंजूरी दी गई।कंपनी ने सेबी (SEBI) के लिस्टिंग दायित्व एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएं (LODR) विनियम, 2015 के तहत बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को दी गई जानकारी में बताया कि निदेशक मंडल की बैठक सुबह 11:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली।
स्टैंडअलोन राजस्व बढ़ा, घाटा हुआ कम
कंपनी के अनुसार, स्टैंडअलोन आधार पर परिचालन राजस्व ₹1,949.91 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹1,903.95 करोड़ से अधिक है। स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी को कर के बाद ₹1.72 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह घाटा ₹14.31 करोड़ था। यानी कंपनी के घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है।वहीं समेकित आधार पर कंपनी ने ₹3.65 करोड़ का कर-पश्चात लाभ दर्ज किया, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में ₹6.62 करोड़ का घाटा हुआ था। यह सुधार मुख्य रूप से सहयोगी और संयुक्त उद्यम से प्राप्त ₹4.34 करोड़ के लाभांश हिस्से के कारण संभव हुआ।
एनसीएलटी योजना के बाद बदली कंपनी की संरचना
कंपनी ने बताया कि, वर्ष-दर-वर्ष तुलना पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की इलाहाबाद पीठ द्वारा स्वीकृत समग्र व्यवस्था योजना (Composite Scheme of Arrangement) का प्रभाव पड़ा है। इस योजना के तहत सिर शादी लाल एंटरप्राइजेज लिमिटेड का कंपनी में 1 अप्रैल 2025 से विलय किया गया, जबकि कंपनी के पावर ट्रांसमिशन कारोबार को 1 अप्रैल 2026 से त्रिवेणी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (TPTL) में अलग कर दिया गया।डिमर्जर के बाद कंपनी ने 22 जुलाई 2026 की रिकॉर्ड तिथि के अनुसार अपने शेयरधारकों को TPTL के 7,34,54,338 इक्विटी शेयर जारी किए। यह आवंटन कंपनी के प्रत्येक तीन शेयरों पर TPTL का एक शेयर देने के अनुपात में किया गया।
इस प्रक्रिया के बाद TPTL में कंपनी की हिस्सेदारी 29.88 प्रतिशत रह गई, जिसके कारण TPTL अब कंपनी की सहायक कंपनी (Subsidiary) न रहकर सहयोगी कंपनी (Associate) बन गई है। इसके साथ ही उसकी विदेशी इकाई त्रिवेणी पावर ट्रांसमिशन GmbH भी कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी नहीं रही।
तरुण साहनी के पारिश्रमिक में संशोधन
निदेशक मंडल ने 1 अगस्त 2026 से प्रभावी तरुण साहनी के पारिश्रमिक में संशोधन को मंजूरी दी। यह संशोधन उनके वर्तमान कार्यकाल 30 सितंबर 2028 तक लागू रहेगा, हालांकि इसके लिए कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक होगी। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि 28 जुलाई 2026 से TPTL के प्रबंध निदेशक नियुक्त होने के बाद तरुण साहनी कंपनी के मुख्य प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) नहीं रहे, हालांकि वे त्रिवेणी इंजीनियरिंग में उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के पद पर बने रहेंगे।
विवेक विश्वनाथन बने नए पूर्णकालिक निदेशक
कंपनी ने विवेक विश्वनाथन को अतिरिक्त निदेशक, पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) और मुख्य प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) के रूप में नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगी, जो AGM में शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन रहेगी। कंपनी के अनुसार, विवेक विश्वनाथन के पास चीनी और डिस्टिलरी उद्योग में दो दशकों से अधिक का अनुभव है और वे पूर्व में सिर शादीलाल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक (Joint Managing Director) रह चुके हैं।

