लखनऊ :उत्तर प्रदेश में मौजूदा पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। राज्य में गन्ना भुगतान 31,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जिससे लाखों किसानों को राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, 2025-26 के चीनी सत्र (अक्टूबर से सितंबर) के लिए गन्ने का कुल बकाया लगभग 35,000 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले राज्य की चीनी मिलों ने अब तक किसानों को 31,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया है। यह कुल बकाया का करीब 90 प्रतिशत है।
गन्ना उत्तर प्रदेश की सबसे प्रमुख नकदी फसलों में से एक है और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसकी अहम भूमिका है। समय पर भुगतान होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और खेती की अगली तैयारियों में भी मदद मिलती है। उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। इनमें 95 निजी चीनी मिलें, 23 मिलें उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के अंतर्गत और 3 मिलें उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम के तहत काम कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि, गन्ना भुगतान में तेजी से किसानों का भरोसा और मजबूत होगा तथा प्रदेश के चीनी उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

