Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
भरत भूषण तिवारी केस में बढ़ी कानूनी चुनौती, दोष साबित हुआ तो हो सकती है उम्रकैद या फांसी

भरत भूषण तिवारी केस में बढ़ी कानूनी चुनौती, दोष साबित हुआ तो हो सकती है उम्रकैद या फांसी

City Post Live 1 week ago

सिटी पोस्ट लाइवसिटी पोस्ट लाइव के 45 मिनट के इंटेरोगेशन में शाहपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश मालाकार ने ये खुलासा कर दिया था कि सरेंडर करने के बाद सबसे पहले किसने भरत तिवारी को गोली मारी.थाना प्रभारी के अनुसार STF के सिपाही अक्षय ने पहली गोली मारी.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भरत के परिजनों की मुलाक़ात के बाद अक्षय कुमार गिरफ्तार हो चूका है.अक्षय कुमार ने भरत को कितनी गोली मारी ,और किसने किसने भरत पर

STF का सिपाही अक्षय कुमार गिरफ्तार हो चूका है ?

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

भरत तिवारी की भाभी के सुमन देवी के अनुसार तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार के सामने फेसबुक लाइव के दौरान अपना हथियार फेंक दिया, तब एसडीपीओ ने उनके कंधे पर हाथ रखकर उनकी मांगों को लेकर झूठा आश्वासन दिया और उन्हें गाड़ी की ओर ले जाने लगे.तभी करीब 20 मीटर की दूरी से एसटीएफ का जवान अक्षय कुमार दौड़ता हुआ आया. उसने अधिकारियों के सामने ही भरत को गालियां देते हुए कहा, 'अब तुम्हें कौन बचाएगा रे…, अपने आप को क्रांतिकारी समझता है न. इतना कहते ही उसने भरत को पहली गोली मार दी.'

अक्षय कुमार के बाद किसने भरत को गोली मारी?

भरत तिवारी की भाभी के अनुसार 17 जून की सुबह जब भरत घर से निकला, तो पता चला कि वो बिलौटी में बसाए जा रहे जवइनियां बाढ़ विस्थापितों के पास गया है. पीछे से पुलिस भी गई है. जानकारी के बाद वो अपनी सास और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घटनास्थल पर पहुंची.सुमन देवी ने बताया कि जैसे ही हम लोग वहां गए, शाहपुर पुलिस और एसटीएफ के जवानों ने मुझे, मेरी सास और परिवार के अन्य सदस्यों को भगा दिया. हम लोग करीब 200 मीटर की दूरी पर खड़े थे.17 जून की सुबह भरत ने पुलिस पर फायरिंग की थी. इसके बाद घर से निकलकर बिलौटी मौजा में बाढ़ विस्थापितों के पास पहुंचा था.सुमन ने बताया कि जब भरत तिवारी को अक्षय ने पैर में पहली गोली मारी, उसके बाद भी मेरा देवर सीना तानकर खड़ा रहा. ये देखकर तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा ने दूसरी गोली मारी. इसके बावजूद उसके चेहरे पर मुस्कान थी और वो गरीबों की आवाज बनकर खड़ा रहा था. इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार ने तीसरी गोली मार दी.

तीन गोली मारने के बाद क्या हुआ?

सुमन ने बताया कि जब 3 गोलियां मारी गईं, तो अपनी सास के साथ भरत की तरफ बढ़ने लगी. एसडीपीओ के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें डंडों से पीटा और रोक दिया. इसके बाद भरत को घसीटते हुए गाड़ी में डाल दिया गया. तब भी वो 'जय हिंद' के नारे लगा रहा था.सुमन का आरोप है कि इसके बाद पुलिस उसे बिलौटी गांव के पीछे वाले रास्ते से ले गई और चलती गाड़ी में दो और गोलियां मार दीं. खून से लथपथ भरत को काफी देर तक गाड़ी में इधर-उधर घुमाया गया. उसे पुलिस पहले अस्पताल लेकर जा सकती थी, लेकिन इसके बजाए पुलिस पहले उसे शाहपुर थाना ले गई.भरत तिवारी की भाभी का आरोप है कि गोली मारने के बाद देवर को अस्पताल ले जाने की बजाए पहले थाना ले जाया गया और बाद में जब हालत खराब हुई तो सदर अस्पताल ले जाया गया.

अक्षय की गिरफ्तारी से परिवार संतुष्ट है?

सुमन देवी ने कहा कि अक्षय कुमार की गिरफ्तारी हो गई है, लेकिन कांड के मुख्य साजिशकर्ता तत्कालीन SDM संजीत कुमार, हत्या में शामिल में तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है.उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सभी अधिकारियों के गिरफ्तारी हो, उसके बाद सभी को फांसी की सजा दी जाए. मुझे और मेरे पूरे परिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पूरा भरोसा है.

आरोपी पुलिसकर्मियों को क्या सजा हो सकती है?

परेड, वीडियो या गवाही पर जवान को आजीवन कारावास या फांसी की सजा हो सकती है. यदि आरोपी की पहचान टीआई परेड, वीडियो या अन्य साक्ष्य से नहीं होती, तो मजिस्ट्रेट से जमानत मिलना कठिन है.एफआईआर में तत्कालीन थानाध्यक्ष ने अक्षय के गोली चलाने का उल्लेख किया है और आरोप साबित होते हैं, तो रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामले में फांसी की सजा भी हो सकती है.भरत भूषण तिवारी की ओर से 17 जून को फेसबुक लाइव वीडियो में दिख रहा है कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है. उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है. भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं. खुद भरत इस बात का जिक्र करता है. वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है.वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है. पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की. जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: City Post Live