राजधानी पटना के रेलवे स्टेशन से एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने इंसानियत और आतिथ्य सत्कार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरुणाचल प्रदेश से डांस परफॉर्मेंस के लिए बिहार आईं कुछ लड़कियों को न केवल अपमानित किया गया, बल्कि उनके साथ नस्लीय भेदभाव (Racism) भी किया गया।
क्या है पूरा मामला?
वीडियो के अनुसार, स्टेशन पर मौजूद एक महिला ने इन लड़कियों को सार्वजनिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने से रोक दिया। मामला सिर्फ टॉयलेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला ने दबंगई दिखाते हुए उनसे पहचान पत्र (ID Card) की मांग शुरू कर दी।
अपमानजनक टिप्पणियों ने बढ़ाया विवाद
हैरानी और दुख की बात यह रही कि महिला ने इन लड़कियों पर भद्दी और नस्लीय टिप्पणियां कीं। वीडियो में महिला द्वारा 'चिंकी', 'मोमो' और 'चीनी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते सुना जा सकता है। एक सभ्य समाज में इस तरह की भाषा और व्यवहार की कोई जगह नहीं है। पीड़ित लड़की का कहना है कि 'हम नॉर्थ ईस्ट से उत्तर भारत घूमने और अपनी कला दिखाने आते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं हमें डराती हैं। क्या देश की बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए?'
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इंटरनेट यूजर्स ने इसे 'शर्मनाक' बताते हुए बिहार पुलिस और रेलवे प्रशासन से इस महिला के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि नॉर्थ ईस्ट के लोग हमारे देश का अभिन्न अंग हैं और उनके साथ ऐसा 'पराया' व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

