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WORLD : ईरान समझौते के मसौदे में ट्रंप ने मांगे बड़े बदलाव, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर सख्त शर्तें

WORLD : ईरान समझौते के मसौदे में ट्रंप ने मांगे बड़े बदलाव, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर सख्त शर्तें

CN24 News Hindi 4 months ago

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे में बदलाव की मांग की है। उन्होंने परमाणु प्रतिबद्धताओं को सख्त बनाने और होर्मुज खोलने पर जोर दिया। वहीं, आर्थिक राहत को लेकर भी मतभेद हैं, नए संशोधनों के बाद समझौते का भविष्य और समयसीमा अनिश्चित हो गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के मसौदे को वापस भेजकर उसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव करने को कहा है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत लंबी खिंच सकती है और समझौते को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने अपने सलाहकारों के साथ हुई बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर और अधिक सख्त शर्तें जोड़ने की मांग की है। साथ ही उन्होंने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने को भी समझौते का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।

ईरान के आर्थिक राहत पैकेज पर भी ट्रंप सतर्क
बताया जा रहा है कि ट्रंप ईरान को दिए जाने वाले आर्थिक राहत पैकेज को लेकर भी सतर्क हैं। उन्हें आशंका है कि अगर ईरान को ज्यादा वित्तीय रियायतें दी गईं तो इसकी तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर के परमाणु समझौते से की जा सकती है, जिसकी ट्रंप पहले भी आलोचना कर चुके हैं। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि समझौता लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है और दोनों देशों के बीच तनाव जल्द खत्म हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिए थे कि एक ऐसा समझौता तैयार किया जा रहा है जिससे संघर्ष रुकेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से पूरी तरह खुलेगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत का रास्ता बनेगा.

दो घंटे की बैठक के बाद भी नहीं निकला अंतिम फैसला
हालांकि शुक्रवार को हुई करीब दो घंटे की बैठक के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ईरान के उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अपने कब्जे में लेकर नष्ट करना चाहता है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि मौजूदा वार्ता में उसके परमाणु कार्यक्रम के तकनीकी विवरण पर चर्चा नहीं हो रही है। वित्तीय मुद्दों पर भी दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप का कहना है कि समझौते में धन के आदान-प्रदान पर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि ईरान का मानना है कि किसी भी समझौते में आर्थिक प्रावधान शामिल होना जरूरी है।

समझौते पर ईरान-अमेरिका की राय
इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान के अधिकार और हित सुरक्षित नहीं किए जाते, तब तक अमेरिका के साथ किसी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और ईरान को ठोस लाभ मिलने चाहिए। उधर, अमेरिकी सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि ट्रंप द्वारा रखी गई शर्तें कागज पर तो उचित लगती हैं, लेकिन विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर इन्हें लागू करना आसान नहीं होगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते की भाषा और शर्तों पर बातचीत जारी है, लेकिन नए बदलावों की मांग के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम समझौता कब तक हो पाएगा।

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