IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की समाप्ति के बाद बहुचर्चित इम्पैक्ट प्लेयर नियम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आईपीएल की खिताब से हटा सकती है। जब से इस नियम को लागू किया गया है, तब से सिर्फ और सिर्फ इसकी आलोचना ही हो रही है।IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की समाप्ति के बाद बहुचर्चित इम्पैक्ट प्लेयर नियम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आईपीएल की खिताब से हटा सकती है। जब से इस नियम को लागू किया गया है, तब से सिर्फ और सिर्फ इसकी आलोचना ही हो रही है।
आईपीएल को रोमांचक बनाने के लिए साल 2023 में इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लाया गया था, ताकि प्रशंसकों को धमाकेदार मैच देखने का मौका मिल सके, लेकिन शायद ये नियम खिलाड़ियों को पसंद नहीं आया, जिसके चलते इसको खूब आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। अब इसपर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बड़ा बयान दिया है।
क्या होता है इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम को साल 2023 में लाया गया था, ताकि फटाफट क्रिकेट को और भी रोमांचक और मसालेदार बनाया जा सके। इस नियम के तहत टीमें एक बल्लेबाजी के दौरान एक अतिरिक्त बल्लेबाज और गेंदबाजी के समय एक खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन (IPL 2026) से बाहर करके उनकी जगह एक प्रोपर गेंदबाज को मौका दे सकते हैं।
इससे न सिर्फ टीमों की बल्लेबाजी मजबूत होगी, बल्कि गेंदबाजी में ताकतवर बनेगी। लेकिन इस नियम ने ऑलराउंडर्स के भविष्य को खतरे में डाल दिया है, क्योंकि इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बाद टीमें ऑलराउंडर्स को कम मौका देने लगी हैं।
बीसीसीआई सचिव ने दिया बड़ा बयान
जब से इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को लागू किया गया है, तब से सिर्फ और सिर्फ इसको आलोचना का सामना करना पड़ा रहा है। इसपर अब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अपनी राय रखी है और कहा है,
''आईपीएल (IPL 2026) टीमों की ओर से इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, क्योंकि इस सीजन में अक्सर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिले हैं। कुछ कम स्कोर वाले मैच भी हैं। सभी प्रशंसक मैचों का आनंद ले रहे हैं। गेंदबाजों को भी अच्छे विकेट मिल रहे हैं। अगर आप सभी मैचों के स्कोरकार्ड देखें तो कुछ टीमें बहुत कम स्कोर बना रही हैं, और कुछ टीमें 260 रनों का पीछा भी कर रही हैं।"
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IPL 2026:इम्पैक्ट प्लेयर रूल की होगी समीक्षा
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आगे कहा, ''इस नियम के आने के बावजूद सब कुछ हो रहा है, यह एक ही पैकेज में पूरा गुलदस्ता है। इस सीजन के आईपीएल (IPL 2026) के समापन के बाद, जो 31 मई को समाप्त होगा, इसकी समीक्षा की जाएगी। इस नियम पर चर्चा पिछले दो वर्षों से चल रही है। हम इस टूर्नामेंट के समाप्त होने के बाद इसकी समीक्षा करेंगे, और टूर्नामेंट के बीच में हम कोई निर्णय नहीं ले सकते।"
हालांकि, देवजीत सैकिया साफतौर पर इस नियम का बचाव करते नजर आ रहे हैं, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई आईपीएल (IPL 2026) से इस नियम की छुट्टी करती है या फिर आगे भी यह नियम ऑलराउंडर्स के करियर को खराब करता रहेगा।
