- केंद्र सरकार ने दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर कर लिया
- 2013 बैच की IAS अधिकारी ने 30 अगस्त को दिया था इस्तीफा
- बोलीं- ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था
- आगे लेखन, पढ़ाने और समाजसेवा की ओर बढ़ने के संकेत
उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। उन्होंने 30 अगस्त को निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए सेवा छोड़ने का फैसला किया था।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की अधिकारी हैं और करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहीं। उन्होंने देवरिया, मिर्जापुर और संत कबीर नगर समेत कई जगहों पर जिम्मेदारियां संभालीं और अपने काम करने के अलग अंदाज के चलते चर्चा में रहीं।
उनके इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर इतनी लंबी सरकारी सेवा छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी। खुद दिव्या ने साफ किया कि यह किसी अचानक हुई घटना या किसी एक 'ट्रिगर मोमेंट' का नतीजा नहीं था, बल्कि काफी सोच-विचार के बाद लिया गया फैसला था।
अपने विदाई संदेश में उन्होंने देवरिया और मिर्जापुर के अनुभवों को खास तौर पर याद किया। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान लहुरिया दह जैसे इलाके में पानी पहुंचाने का काम भी हुआ, जहां ग्रामीण लंबे समय से टैंकरों पर निर्भर थे।
दिव्या मित्तल ने यह भी संकेत दिया है कि अब वह लेखन, पढ़ाने और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में काम कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि IAS की नौकरी उनके जीवन का सिर्फ एक अध्याय है, पूरी जिंदगी नहीं। उनके परिवार और दो बेटियों की जिम्मेदारियां भी आगे के फैसलों में महत्वपूर्ण रहेंगी।
इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या ने सोशल मीडिया पर लिखा, "प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।" सरकारी पद से उनकी 13 साल की यात्रा अब खत्म हो गई है, लेकिन उनके संदेश से साफ है कि आगे की राह को लेकर उन्होंने अपनी दिशा तय करने का मन बना लिया है।

