दिल्ली के साउथ-ईस्ट जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने 38 वर्षीय गुल हसन की हत्या के आरोप में उसके 64 वर्षीय पिता तालुकदार अंसारी और मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, गुल हसन को इलाज कराने के बहाने घर से ले जाया गया था, लेकिन बाद में उसकी लाश कालिंदी कुंज के पास एक लावारिस कंटेनर से बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त को कालिंदी कुंज के पास एक कच्ची कॉलोनी में खड़े लावारिस कंटेनर के अंदर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। घटनास्थल से खून से सना कंक्रीट का पत्थर भी बरामद किया गया, जिससे पुलिस को हत्या की आशंका हुई।
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ और जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर मृतक की पहचान गुल हसन के रूप में हुई।
पुलिस के मुताबिक, गुल हसन मानसिक बीमारी से जूझ रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने उसके परिवार और परिचितों से पूछताछ की। इसी दौरान उसके पिता तालुकदार अंसारी और मोहम्मद वसीम पर शक गहराया।
पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गुल हसन को डॉक्टर के पास ले जाने की बात कहकर कालिंदी कुंज के पास ले जाया गया था। वहां उसे एक कंटेनर तक पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, कंटेनर के अंदर मोहम्मद वसीम ने कथित तौर पर गुल हसन के सिर पर कंक्रीट के पत्थर से हमला किया। गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वहीं छोड़ दिया गया।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस वारदात की साजिश कब और कैसे तैयार की गई थी।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस पिता पर बेटे को इलाज के लिए ले जाने का भरोसा था, आखिर उसी के साथ वह सुनसान कंटेनर तक कैसे पहुंचा और हत्या की नौबत क्यों आई? पुलिस अब इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।

