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नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट बनीं उम्मीद की किरण! 6 दिनों में 100 से ज्यादा रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट बनीं उम्मीद की किरण! 6 दिनों में 100 से ज्यादा रेस्क्यू मिशन, सैकड़ों जिंदगियां बचाईं

Cricket Dhamaal 1 week ago

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच जब सड़कें और पुल तबाह हो गए और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया, तब हेलिकॉप्टर ही राहत और बचाव का सबसे बड़ा सहारा बने। इसी मुश्किल वक्त में कैप्टन प्रिया अधिकारी ने लगातार उड़ान भरकर लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।

वह नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर कैप्टन के रूप में जानी जाती हैं और हिमालयी इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन का लंबा अनुभव रखती हैं।

प्रिया अधिकारी ने बाढ़ के बाद बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार रेस्क्यू उड़ानें भरीं। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने महज छह दिनों में 100 से ज्यादा रेस्क्यू मिशन पूरे किए। इस दौरान वह उन दुर्गम इलाकों तक पहुंचीं, जहां जमीन के रास्ते राहत पहुंचाना लगभग असंभव हो गया था।

बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल के कई पहाड़ी इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। ऐसे में हेलिकॉप्टरों के जरिए फंसे हुए लोगों को निकालना और राहत सामग्री पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो गया। प्रिया की टीम भी लगातार ऐसे मिशनों में जुटी रही।

प्रिया अधिकारी के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में उड़ान भरना कोई नया अनुभव नहीं है। वह लंबे समय से हिमालय में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही हैं और माउंट एवरेस्ट समेत बेहद चुनौतीपूर्ण इलाकों में घायल पर्वतारोहियों को बचाने के मिशन का हिस्सा रही हैं। विश्व बैंक की एक प्रोफाइल के मुताबिक वह नेपाल के पुरुष-प्रधान रेस्क्यू पायलट पेशे में लंबे समय तक अकेली महिला थीं।

हालिया बाढ़ के दौरान परिस्थितियां और भी खतरनाक थीं। पहाड़ों में खराब मौसम, तेज हवाएं, मलबे से भरी घाटियां और सीमित लैंडिंग स्पेस के बीच हेलिकॉप्टर उतारना बेहद जोखिम भरा काम था। इसके बावजूद प्रिया और उनकी टीम लगातार फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करती रही।

नेपाल की इस आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। हजारों लोग लापता बताए गए और कई दूरदराज के इलाकों में राहत पहुंचाना मुश्किल रहा। ऐसे समय में हेलिकॉप्टर पायलटों और बचाव दलों ने अलग-थलग पड़े लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रिया अधिकारी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ऐसे पेशे में अपनी पहचान बनाई, जिसमें महिलाओं की संख्या बेहद कम रही है। आज उनकी उड़ान सिर्फ एक पायलट की पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद का सहारा भी बन गई है जो प्राकृतिक आपदा के बीच मदद का इंतजार कर रहे हैं।

नेपाल की इस त्रासदी में जहां चारों तरफ तबाही और बेबसी की तस्वीरें सामने आईं, वहीं कैप्टन प्रिया अधिकारी जैसे रेस्क्यू पायलटों ने दिखाया कि मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी इंसानी हिम्मत और तकनीक मिलकर जिंदगी बचाने का रास्ता बना सकती है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Cricket Dhamaal Hindi