दिल्ली: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल में क्रिकेट प्रेमी गुजरात टाइटंस (GT) के बल्लेबाजों से बड़े शॉट्स की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन मुकाबले में कहानी बिल्कुल अलग देखने को मिली.
शुरुआती कुछ ओवरों तक गुजरात की टीम संतुलित नजर आई, मगर इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के गेंदबाजों ने ऐसा शिकंजा कसा कि बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए.
पावरप्ले की समाप्ति तक गुजरात टाइटंस ने दो विकेट पर 45 रन बना लिए थे और टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी. हालांकि, इसके बाद बेंगलुरु के गेंदबाजों ने लाइन और लेंथ पर जबरदस्त नियंत्रण दिखाते हुए मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया. बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं मिला और रन बनाने की रफ्तार लगातार धीमी पड़ती चली गई.
गुजरात की पारी में एक ऐसा दौर भी आया, जिसने फाइनल के इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया. टीम लगातार 40 गेंदों तक कोई भी बाउंड्री लगाने में सफल नहीं हो सकी. छठे ओवर में निशांत सिंधु के बल्ले से निकली बाउंड्री के बाद बल्लेबाजों को अगला चौका या छक्का लगाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. इस दौरान, टीम का स्कोर बेहद धीमी गति से आगे बढ़ा और विकेट भी लगातार गिरते रहे.
क्रुणाल पांड्या ने कसी हुई गेंदबाजी से शुरुआत की, जबकि रसीख सलाम और जैकब डफी ने छोटी गेंदों और गति में बदलाव का बेहतरीन इस्तेमाल किया. गेंदबाज लगातार ऐसी लेंथ पर गेंद डालते रहे, जहां से बड़े शॉट खेलना आसान नहीं था. नतीजा यह रहा कि गुजरात के बल्लेबाज अधिकांश समय केवल एक-दो रन जुटाने तक सीमित रह गए.
सातवें से बारहवें ओवर के बीच गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई. इन छह ओवरों में टीम मुश्किल से रन जुटा सकी और स्कोरबोर्ड पर तेजी से बढ़त नहीं बना पाई. बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने की कोशिश भी नहीं कर पाए, जबकि बेंगलुरु के फील्डरों ने भी शानदार फुर्ती दिखाई.
बड़े मैचों में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले जोस बटलर भी इस मुकाबले में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे. उन्होंने 23 गेंदों पर केवल 19 रन बनाए और पूरे समय सहज नहीं दिखे. बेंगलुरु ने उनके खिलाफ सटीक रणनीति अपनाई और रन बनाने के सभी रास्ते बंद कर दिए. आखिरकार क्रुणाल पांड्या ने उन्हें चकमा देते हुए स्टंप आउट कराया. बटलर के आउट होते ही गुजरात की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा.
लगातार बढ़ते दबाव के बीच गुजरात को कुछ राहत अरशद खान के बल्ले से मिली. उन्होंने 13वें ओवर में क्रुणाल पांड्या की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपनी टीम की वापसी कराई. हालांकि, तब तक मुकाबले की पकड़ पूरी तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों में जा चुकी थी.

